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Agra News: पीसीआई और विवि के बीच फंस गया छात्रों का भविष्य

Wed, 05 Nov 2025 02:43 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2025 02:43 AM IST
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The future of students is stuck between PCI and the university.
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में संचालित फार्म-डी (पीबी) कोर्स को अनुमति नहीं दी गई है। इससे छात्रों का भविष्य अधर में है। इस कोर्स में बीफार्मा के छात्र सीधे चौथे वर्ष में प्रवेश करते हैं जिसे लेटरल एंट्री कहा जाता है। विवि प्रशासन का कहना है कि इस कोर्स में प्रवेश के लिए अनुमति दे दी गई थी वहीं, दूसरी ओर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने जवाब दिया है कि विवि ने 2025-26 सत्र में प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
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विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी के हेड डॉ. रवि शेखर ने बताया कि पीसीआई के पोर्टल पर कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया था। वर्ष 2023-24 में पूर्व विभागाध्यक्ष की ओर से आगामी सत्र 2024-25 के लिए तीन लाख रुपये की राशि जमा की गई थी, ताकि फार्म-डी और फार्म-डी पीबी दोनों कोर्स को मान्यता मिल सके। रजिस्ट्रेशन हमेशा अगले सत्र के लिए पहले से किया जाता है। इस दौरान काउंसिल की वेबसाइट पर फीस रिसीट में छह कोर्स दिखाई दे रहे थे, लेकिन फार्मडी पीबी कोर्स का नाम स्पष्ट रूप से नहीं दिखा। यह कोर्स फार्म-डी की श्रेणी में सम्मिलित होता है और इसी आधार पर काउंसिल की ओर से दो वर्ष (2024-25 और 2025-26) के लिए एडमिशन करने के लिए अप्रूवल दे दिया गया। बाद में 25-26 के लिए भी फीस जमा कर दी गई। इस सत्र की जब प्रवेश प्रक्रिया हुई तब तक विश्वविद्यालय के पास प्रवेश की अनुमति थी। उधर पीसीआई ने जवाब दिया है कि विवि ने इस सत्र के लिए आवेदन ही नहीं किया है। इस विवाद में छात्रों का भविष्य अधर में है।
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कोर्स दिखा तो भर दिए फॉर्म

मौजूदा सत्र में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान यह कोर्स नजर आया तो छात्रों ने फार्म भर दिए। मई में प्रक्रिया शुरू हो गई थी। कई माह बीत जाने पर जब विश्वविद्यालय की ओर से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई तब छात्रों ने संपर्क किया तो पाया कि कोर्स की अनुमति पर रोक लगा दी गई है।
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कुलपति ने भी लिया था संज्ञान

विभागाध्यक्ष ने कहा कि कुलपति प्रो. आशु रानी ने छात्र हित में काउंसिल को पत्र लिखा था। संबंधित विभाग से भी वार्ता के लिए विश्वविद्यालय की ओर से प्रतिनिधिमंडल गया था। इस बीच, 30 सितंबर तक फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से मांगी जाने वाली कंप्लायंस रिपोर्ट की तिथि भी निकल चुकी है। विश्वविद्यालय ने ई-मेल के माध्यम से संपर्क साधा था और सत्र 2024-25 तथा 2025-26 के लिए फार्मडी पीबी कोर्स की अनुमति की जानकारी दी थी। विभागाध्यक्ष ने कहा कि उम्मीद है कि जल्द ही इस सत्र के लिए भी अनुमति मिल जाएगी। छात्रों की कक्षाएं नियमित रूप से प्रारंभ की जा सकेंगी।

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विवि और कॉलेज के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ दिन में अप्रूवल आ जाएगा यही जवाब मिल रहा है। मई में एप्लाई किया था।- अंकित कुमार, छात्र



फार्म भरे हुए महीनों हो गए। अब तक किसी अन्य कॉलेज में एडमिशन लिया होता तो पढ़ाई भी शुरू हो गई होती। जल्द अप्रूवल मिले, यही मांग है। - संतोष खिरवार, छात्र
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