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सबसे पहले हाथी को होता है भूकंप आने का आभास
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 26 Apr 2015 02:07 AM IST
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भले ही भूकंप की सटीक भविष्यवाणी करना विज्ञान के लिए बड़ी चुनौती हो, लेकिन जानवरों का इसका आभास काफी पहले हो जाता है और उनका व्यवहार बदल जाता है। हाथी को सबसे पहले भूकंप के आने का आभास होता है। यदि जानवरों के व्यवहार को समझ लें तो भूकंप के दौरान होने वाली जनहानि को रोका जा सकता है।
भारतीय जूलॉजीकल सर्वे आफ इंडिया. सोलन में साइंडिस्ट डाक्टर अनिल कुमार ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि भूकंप के केंद्र से एक साथ पी (प्राइमरी) और एस वेव (सेकेंडरी) निकलती हैं। पी वेव एस के मुकाबले दो गुना तेजी से चलती है। जानवर अधिक संवेदनशील होते हैं और एस से पहले पहुंची पी वेव को समझ खतरा भांप जाते है। उनका व्यवहार बदल जाता है, उनमें बेचैनी बढ़ जाती है। बंधे हुए पशु झटका देकर रस्सी तोड़ने की कोशिश करते हैं। बिलों में रहने वाले सांप, चूहे जैसे जानवर बाहर निकल आते हैं। जानवरों में भी सबसे पहले इसका आभास हाथी को होता है। सुनामी आने के दौरान श्रीलंका में यह पाया गया था कि हाथी जू के अंदर ऊंचाई की ओर भाग निकले थे। इसके अलावा भूकंप आने के दौरान हवा में इलेक्ट्रानिक चार्ज बढ़ जाता है। आयन बढ़ जाते हैं और कुत्ते, भेड़िए, सियार आदि जानवर इसे फील कर लेते है। वह दो तरह की कॉल करते है, एक एलार्म कॉल और दूसरी डिस्ट्रेस कॉल यानी तनाव वाली कॉल।
15 किमी दूर तक साथियों को सतर्क कर देता है हाथी
जानवरों में हाथी सबसे अधिक संवेदनशील होता है। वह 20 हर्ट्ज से नीचे की आवाज को सुन सकता है और निकाल सकता है। वह सबसे पहले पी वेव को पहचान लेता है और अपनी सूंड़ से एलार्म कॉल कर 15 किलोमीटर दूर तक अन्य हाथियों को सतर्क कर देता है। ये कॉल धरती से होती हुई अन्य हाथियों तक पहुंचती है। इंसान लगभग 100 हर्ट्ज की आवाज को सुन पाता, 60 हर्ट्ज की आवाज को वह महसूस कर पाता है।
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भारतीय जूलॉजीकल सर्वे आफ इंडिया. सोलन में साइंडिस्ट डाक्टर अनिल कुमार ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि भूकंप के केंद्र से एक साथ पी (प्राइमरी) और एस वेव (सेकेंडरी) निकलती हैं। पी वेव एस के मुकाबले दो गुना तेजी से चलती है। जानवर अधिक संवेदनशील होते हैं और एस से पहले पहुंची पी वेव को समझ खतरा भांप जाते है। उनका व्यवहार बदल जाता है, उनमें बेचैनी बढ़ जाती है। बंधे हुए पशु झटका देकर रस्सी तोड़ने की कोशिश करते हैं। बिलों में रहने वाले सांप, चूहे जैसे जानवर बाहर निकल आते हैं। जानवरों में भी सबसे पहले इसका आभास हाथी को होता है। सुनामी आने के दौरान श्रीलंका में यह पाया गया था कि हाथी जू के अंदर ऊंचाई की ओर भाग निकले थे। इसके अलावा भूकंप आने के दौरान हवा में इलेक्ट्रानिक चार्ज बढ़ जाता है। आयन बढ़ जाते हैं और कुत्ते, भेड़िए, सियार आदि जानवर इसे फील कर लेते है। वह दो तरह की कॉल करते है, एक एलार्म कॉल और दूसरी डिस्ट्रेस कॉल यानी तनाव वाली कॉल।
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15 किमी दूर तक साथियों को सतर्क कर देता है हाथी
जानवरों में हाथी सबसे अधिक संवेदनशील होता है। वह 20 हर्ट्ज से नीचे की आवाज को सुन सकता है और निकाल सकता है। वह सबसे पहले पी वेव को पहचान लेता है और अपनी सूंड़ से एलार्म कॉल कर 15 किलोमीटर दूर तक अन्य हाथियों को सतर्क कर देता है। ये कॉल धरती से होती हुई अन्य हाथियों तक पहुंचती है। इंसान लगभग 100 हर्ट्ज की आवाज को सुन पाता, 60 हर्ट्ज की आवाज को वह महसूस कर पाता है।
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