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Agra News: आयकर विभाग की देशव्यापी छापामारी से जिले में भी खलबली
Tue, 15 Jul 2025 11:48 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 15 Jul 2025 11:48 PM IST
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मैनपुरी। आयकर विभाग द्वारा आयकर रिटर्न (आईटीआर) में कटौती और छूट के फर्जी दावे करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं पर सोमवार को की गई देशव्यापी कार्रवाई से मैनपुरी में भी खलबली मची हुई है। जिले में एक लाख के करीब आयकर रिटर्न करने वाले हैं। इनमें से 40 फीसदी वेतनभोगी वर्ग है। इन सभी को रडार पर लिया गया है। टैक्स प्रोफेशनल्स को भी चेताया गया है।
इन कटौतियों पर है आयकर विभाग की नज़र
टैक्स प्रोफेशनल अधिवक्ता प्रखर दीक्षित ने बताया कि आयकर विभाग का मानना है कि कुछ विशेष धाराओं के तहत उपलब्ध कटौतियों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। इनमें धारा 10(13ए) मकान किराया भत्ते के तहत छूट। धारा 80जीजीसी: राजनीतिक दलों को दिए गए योगदान। धारा 80ई: शिक्षा ऋण पर ब्याज के लिए कटौती। धारा 80डी: चिकित्सा बीमा से संबंधित कटौती। धारा 80ईई: आवास ऋण पर ब्याज के लिए कटौती। धारा 80ईईबी: इलेक्ट्रिक वाहन के लिए कटौती। धारा 80जी और 80जीजीए: धर्मार्थ या अनुसंधान संगठनों को दिए गए योगदान। धारा 80डीडीबी: कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कटौती के दुरुपयोग के मामले शामिल हैं। आयकर रिटर्न दाखिल करते समय फर्जी दावा यानी बोग्स क्लेम किया जाता है।
मैनपुरी में एक लाख आयकर दाताओं में 40 फीसदी वेतनभोगी, सभी निशाने पर
मैनपुरी के आयकर अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में लगभग एक लाख लोग आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं, जिनमें से 40 फीसदी वेतनभोगी वर्ग से हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी लोग अब विभाग के रडार पर हैं। इनके अलावा संस्थाएं भी रडार पर है। धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि केवल व्यक्तिगत करदाता ही नहीं, बल्कि टैक्स प्रोफेशनल यानी ऐसे टैक्स सलाहकार या एजेंट्स भी जांच के दायरे में आ सकते हैं जो अपने क्लाइंट्स को गलत या फर्जी दावे करने में मदद कर रहे थे। यह अभियान कर चोरी रोकने और ईमानदारी से टैक्स भरने वालों के लिए एक निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया है। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने आईटीआर में केवल वैध और सही दावे ही करें।
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इन कटौतियों पर है आयकर विभाग की नज़र
टैक्स प्रोफेशनल अधिवक्ता प्रखर दीक्षित ने बताया कि आयकर विभाग का मानना है कि कुछ विशेष धाराओं के तहत उपलब्ध कटौतियों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। इनमें धारा 10(13ए) मकान किराया भत्ते के तहत छूट। धारा 80जीजीसी: राजनीतिक दलों को दिए गए योगदान। धारा 80ई: शिक्षा ऋण पर ब्याज के लिए कटौती। धारा 80डी: चिकित्सा बीमा से संबंधित कटौती। धारा 80ईई: आवास ऋण पर ब्याज के लिए कटौती। धारा 80ईईबी: इलेक्ट्रिक वाहन के लिए कटौती। धारा 80जी और 80जीजीए: धर्मार्थ या अनुसंधान संगठनों को दिए गए योगदान। धारा 80डीडीबी: कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कटौती के दुरुपयोग के मामले शामिल हैं। आयकर रिटर्न दाखिल करते समय फर्जी दावा यानी बोग्स क्लेम किया जाता है।
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मैनपुरी में एक लाख आयकर दाताओं में 40 फीसदी वेतनभोगी, सभी निशाने पर
मैनपुरी के आयकर अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में लगभग एक लाख लोग आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं, जिनमें से 40 फीसदी वेतनभोगी वर्ग से हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी लोग अब विभाग के रडार पर हैं। इनके अलावा संस्थाएं भी रडार पर है। धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि केवल व्यक्तिगत करदाता ही नहीं, बल्कि टैक्स प्रोफेशनल यानी ऐसे टैक्स सलाहकार या एजेंट्स भी जांच के दायरे में आ सकते हैं जो अपने क्लाइंट्स को गलत या फर्जी दावे करने में मदद कर रहे थे। यह अभियान कर चोरी रोकने और ईमानदारी से टैक्स भरने वालों के लिए एक निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया है। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने आईटीआर में केवल वैध और सही दावे ही करें।
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