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Agra News: धोखाधड़ी कर बेच दी दिव्यांग की कुर्क की गई जमीन
Fri, 04 Oct 2024 12:02 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 04 Oct 2024 12:02 AM IST
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करहल। थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव कुसमाखेड़ा में आरोपियों ने एक दिव्यांग के हिस्से की कुर्क भूमि को धोखाधड़ी करने के बाद बिक्री कर दिया। जानकारी होने के बाद जब वह जानकारी करने गया तो उसे गाली गलौज करते हुए धमका कर भगा दिया। थाने में भी सुनवाई नहीं की गई। न्यायालय के आदेश पर पीड़ित ने कुर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव कुसमाखेड़ा निवासी राकेश कुमार हाल निवासी विकास भवन के पीछे कलेक्ट्रेट कालोनी लोहार बाग ने न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि वह नेत्रहीन है। पिता रामरूप ने उसे व मां को पीटने के बाद घर से निकाल दिया था। जिसका मुकदमा न्यायालय में चला और भरण पोषण तय किया गया। वर्ष 2002 में गुजारा भत्ता के लिए मां ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद भी कोई धनराशि नहीं दी गई। 50530 रुपये की बकाया धनराशि वसूली के लिए पिता रामरूप पर आरसी जारी कर दी गई। इसके बाद भी भुगतान न होने पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने 17 जून 2002 को पिता की एक भूमि का 2/3 भाग को कुर्क कर दिया। पिता की मृत्यु के बाद उनके पुत्र चंद्रभान, अलकेश और उनके पुत्रों ने धोखाधड़ी कर विरासत के आधार पर अपना नाम दर्ज करा लिया।
चंंद्रभान ने 10 मई 2019 को भूमि में से 1/6 भाग का बैनामा ओमकार सिंह निवासी महेंद्र नगर राधारमन रोड व अवधेश सिंह निवासी गांव खरसुलिया अलीगंज एटा और अलकेश ने उक्त भूमि में से 1/6 भाग का बैनामा 16 अगस्त 2022 को उमा देवी निवासी यदुवंश नगर को कर दिया। जानकारी होने के बाद 8 जून 2024 को वह गांव गढी कुसमा खेड़ा गया और अलकेश और चंद्रभान से कहा कि तुमने भरण पोषण के लिए कुर्क भूमि का बैनामा क्यों कर दिया। चंद्रभान, अलकेश, अलकेश की पत्नी निर्मला देवी, पुत्र गोविंद, गोपाल, रंजीत, पुत्री रजनी ने गालीगलौज करना शुरू कर दिया। थाने में उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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गांव कुसमाखेड़ा निवासी राकेश कुमार हाल निवासी विकास भवन के पीछे कलेक्ट्रेट कालोनी लोहार बाग ने न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि वह नेत्रहीन है। पिता रामरूप ने उसे व मां को पीटने के बाद घर से निकाल दिया था। जिसका मुकदमा न्यायालय में चला और भरण पोषण तय किया गया। वर्ष 2002 में गुजारा भत्ता के लिए मां ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद भी कोई धनराशि नहीं दी गई। 50530 रुपये की बकाया धनराशि वसूली के लिए पिता रामरूप पर आरसी जारी कर दी गई। इसके बाद भी भुगतान न होने पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने 17 जून 2002 को पिता की एक भूमि का 2/3 भाग को कुर्क कर दिया। पिता की मृत्यु के बाद उनके पुत्र चंद्रभान, अलकेश और उनके पुत्रों ने धोखाधड़ी कर विरासत के आधार पर अपना नाम दर्ज करा लिया।
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चंंद्रभान ने 10 मई 2019 को भूमि में से 1/6 भाग का बैनामा ओमकार सिंह निवासी महेंद्र नगर राधारमन रोड व अवधेश सिंह निवासी गांव खरसुलिया अलीगंज एटा और अलकेश ने उक्त भूमि में से 1/6 भाग का बैनामा 16 अगस्त 2022 को उमा देवी निवासी यदुवंश नगर को कर दिया। जानकारी होने के बाद 8 जून 2024 को वह गांव गढी कुसमा खेड़ा गया और अलकेश और चंद्रभान से कहा कि तुमने भरण पोषण के लिए कुर्क भूमि का बैनामा क्यों कर दिया। चंद्रभान, अलकेश, अलकेश की पत्नी निर्मला देवी, पुत्र गोविंद, गोपाल, रंजीत, पुत्री रजनी ने गालीगलौज करना शुरू कर दिया। थाने में उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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