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Agra News: भारत में रहकर भी भाई की शादी में नहीं पहुंच सके अमरीकी टीम के कोच
Mon, 09 Feb 2026 02:40 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 09 Feb 2026 02:40 AM IST
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अमेरिकी कोच
आगरा। बाह तहसील के हिंगोट खेड़ा गांव में रहने वाले भारद्वाज परिवार में रविवार को खुशियों के बीच एक कसक भी महसूस की गई। दंपती सुभाष भारद्वाज और सुनीति के बड़े बेटे ऋषि भारद्वाज, जो इस समय अमेरिकी क्रिकेट टीम के बैटिंग कोच हैं, अपने छोटे भाई मुनि की शादी में शामिल नहीं हो सके। जबकि वह भारत में ही मौजूद थे।
रायपुर में शादी समारोह आयोजित हुआ। शादी से पहले जैसे ही मुनि को यह पता चला कि बड़े भाई नहीं आ पाएंगे, वे शादी टालने पर अड़ गए। माता-पिता के समझाने पर तैयार हुए। पिता सुभाष भारद्वाज ने फोन पर बताया कि ऋषि अमेरिकी टीम के साथ एक फरवरी को भारत पहुंचे थे। टीम का तय कार्यक्रम और जिम्मेदारियां ऐसी थीं कि चाहकर भी वे रायपुर नहीं आ सके। बेटा देश में था, लेकिन परिवार के साथ नहीं यह बात कसक वाली रही। ऋषि की पत्नी गौरी अमेरिका में डॉक्टर हैं और अमेरिकी नागरिक हैं। उनका मूल नाम सिंपसन है, जबकि गौरी नाम सास-ससुर ने रखा। । बाह के आशुतोष नेहरू ने कहा कि हिंगोट खेड़ा जैसे छोटे गांव से निकलकर अमेरिका की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना ऋषि की बड़ी कामयाबी है। मगर इस कामयाबी की कीमत उन्हें भाई की शादी जैसे अनमोल पल से दूर रहकर चुकानी पड़ी।
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रायपुर में शादी समारोह आयोजित हुआ। शादी से पहले जैसे ही मुनि को यह पता चला कि बड़े भाई नहीं आ पाएंगे, वे शादी टालने पर अड़ गए। माता-पिता के समझाने पर तैयार हुए। पिता सुभाष भारद्वाज ने फोन पर बताया कि ऋषि अमेरिकी टीम के साथ एक फरवरी को भारत पहुंचे थे। टीम का तय कार्यक्रम और जिम्मेदारियां ऐसी थीं कि चाहकर भी वे रायपुर नहीं आ सके। बेटा देश में था, लेकिन परिवार के साथ नहीं यह बात कसक वाली रही। ऋषि की पत्नी गौरी अमेरिका में डॉक्टर हैं और अमेरिकी नागरिक हैं। उनका मूल नाम सिंपसन है, जबकि गौरी नाम सास-ससुर ने रखा। । बाह के आशुतोष नेहरू ने कहा कि हिंगोट खेड़ा जैसे छोटे गांव से निकलकर अमेरिका की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना ऋषि की बड़ी कामयाबी है। मगर इस कामयाबी की कीमत उन्हें भाई की शादी जैसे अनमोल पल से दूर रहकर चुकानी पड़ी।
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