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Agra News: राजद्रोह की धारा के कारण एनआईए कोर्ट में चला गया था केस
Sat, 21 Dec 2024 01:49 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 21 Dec 2024 01:49 AM IST
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कासगंज। शहर के चंदन गुप्ता हत्याकांड केस में आरोपियों पर राजद्रोह की धारा भी लगी थी। यही कारण रहा कि यह केस जिला न्यायालय से एनआईए कोर्ट लखनऊ को स्थानांतरित हो गया था। 25 अक्तूबर को एनआईए कोर्ट में निर्णय आना था। इससे पहले ही आरोपियों ने अपने बचाव के लिए लखनऊ हाईकोर्ट में ट्रायल रोकने के लिए याचिका दायर कर दी थी। दरअसल, वर्ष 2018 में 26 जनवरी को शहर में तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान युवक चंदन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चंदन गुप्ता की हत्या के साथ ही शहर में हिंसा भड़क गई। चंदन की हत्या करने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना करके 30 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
बाद में इनमें से एक आरोपी की मौत हो गई। इस केस में आरोपियों पर राजद्रोह की धारा 124 ए लगने के कारण यह केस वर्ष 2022 में एनआईए कोर्ट लखनऊ में चला गया। तभी से वहां ट्रायल चल रहा था। चंदन गुप्ता के भाई विवेक गुप्ता ने बताया कि इस मामले में 25 अक्तूबर को एनआईए कोर्ट में निर्णय आना था। इसलिए आरोपियों ने 24 अक्तूबर को ही लखनऊ उच्च न्यायालय में इस ट्रायल को रोकने के लिए याचिका दायर कर दी थी।
ताकि किसी भी तरह से एनआईए कोर्ट के निर्णय को टाला जा सके। इस मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब एनआईए कोर्ट का ट्रायल फिर शुरू होगा।
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बाद में इनमें से एक आरोपी की मौत हो गई। इस केस में आरोपियों पर राजद्रोह की धारा 124 ए लगने के कारण यह केस वर्ष 2022 में एनआईए कोर्ट लखनऊ में चला गया। तभी से वहां ट्रायल चल रहा था। चंदन गुप्ता के भाई विवेक गुप्ता ने बताया कि इस मामले में 25 अक्तूबर को एनआईए कोर्ट में निर्णय आना था। इसलिए आरोपियों ने 24 अक्तूबर को ही लखनऊ उच्च न्यायालय में इस ट्रायल को रोकने के लिए याचिका दायर कर दी थी।
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ताकि किसी भी तरह से एनआईए कोर्ट के निर्णय को टाला जा सके। इस मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब एनआईए कोर्ट का ट्रायल फिर शुरू होगा।
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