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Agra News: एनजीटी पहुंचा मंटोला नाला से आहत श्रद्धा का मामला
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आगरा। हाथीघाट पर यमुना जल की जगह मंटोला नाले के दूषित पानी से आचमन के लिए मजबूर श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होने का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पहुंच गया है। यमुना में आई बाढ़ के बाद मोक्षधाम की तरफ बहने वाला मंटोला नाला अब हाथीघाट की तरफ बह रहा है।
नार्थ इदगाह निवासी पर्यावरणविद शारिक इकबाल ने एनजीटी चेयरमैन को पत्र लिख मामले का संज्ञान लेने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर निगम को नाला की रोकथाम की मांग उठाई है। शारिक इकबाल ने बताया कि यह शहर का सबसे बड़ा नाला है। मोक्षधाम के पास यह यमुना में गिरता था। बाढ़ के कारण नाले के मुहाने पर सिल्ट जमा होने से टीला बन गया। टीले के कारण नाले का बहाव हाथीघाट की तरफ हो गया। हाथीघाट स्थित काली माता सहित कई मंदिर हैं। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यमुना किनारे छोड़ बीच में बह रही है। ऐसे में किनारे पर नाला बह रहा है।
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नार्थ इदगाह निवासी पर्यावरणविद शारिक इकबाल ने एनजीटी चेयरमैन को पत्र लिख मामले का संज्ञान लेने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर निगम को नाला की रोकथाम की मांग उठाई है। शारिक इकबाल ने बताया कि यह शहर का सबसे बड़ा नाला है। मोक्षधाम के पास यह यमुना में गिरता था। बाढ़ के कारण नाले के मुहाने पर सिल्ट जमा होने से टीला बन गया। टीले के कारण नाले का बहाव हाथीघाट की तरफ हो गया। हाथीघाट स्थित काली माता सहित कई मंदिर हैं। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यमुना किनारे छोड़ बीच में बह रही है। ऐसे में किनारे पर नाला बह रहा है।
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