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Agra News: टैरिफ की मार... उद्योग संगठन ने उठाई पच्चीकारी पर जीएसटी पांच प्रतिशत करने की मांग
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आगरा। नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स उत्तर प्रदेश ने आगरा की पच्चीकारी (पत्थर पर जड़ाई का काम) पर जीएसटी घटाने की मांग की है। चैंबर के अध्यक्ष संजय गोयल ने केंद्रीय वित्त मंत्री व जीएसटी काउंसिल की अध्यक्ष निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर कहा है कि अगले जीएसटी सुधार के दौरान टैक्स को पांच प्रतिशत करना ही इस शिल्पकला से जुड़े लोगों के लिए दिवाली का तोहफा होगा।
गोयल ने पत्र में कहा कि जीआई सर्टिफाइड यह शिल्पकला पहले कर मुक्त थी। एक जिला एक उत्पाद स्कीम के तहत आने वाली इस कला की वजह से करीब 35 हजार से ज्यादा कारीगरों के परिवारों को आजीविका मिल रही है। हालांकि, कुछ समय पहले लग्जरी उत्पाद की श्रेणी में लाकर इसपर 12 प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत से निर्यात होने वाले हस्त निर्मित उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा दिया है। ऐसे में टैरिफ वार से इस कला के उत्पादों के निर्यात को बड़ा झटका लगा है। साथ ही सदियों पुरानी इस विरासत पर खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को एमएसएमई विजन पर दिए गए संबोधन में अगले जीएसटी सुधार लागू कर दिवाली का तोहफा देने की बात कही है। ऐसे में जीएसटी पांच प्रतिशत किया जाना हजारों शिल्पकारों के लिए दिवाली का सबसे बड़ा तोहफा होगा क्योंकि जीएसटी कम होने से इस क्षेत्र को घरेलू मार्केट में राहत मिलेगी। इससे कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी। साथ ही वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी पूरा करने में सहायक होगा।
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गोयल ने पत्र में कहा कि जीआई सर्टिफाइड यह शिल्पकला पहले कर मुक्त थी। एक जिला एक उत्पाद स्कीम के तहत आने वाली इस कला की वजह से करीब 35 हजार से ज्यादा कारीगरों के परिवारों को आजीविका मिल रही है। हालांकि, कुछ समय पहले लग्जरी उत्पाद की श्रेणी में लाकर इसपर 12 प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत से निर्यात होने वाले हस्त निर्मित उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा दिया है। ऐसे में टैरिफ वार से इस कला के उत्पादों के निर्यात को बड़ा झटका लगा है। साथ ही सदियों पुरानी इस विरासत पर खतरा पैदा हो गया है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को एमएसएमई विजन पर दिए गए संबोधन में अगले जीएसटी सुधार लागू कर दिवाली का तोहफा देने की बात कही है। ऐसे में जीएसटी पांच प्रतिशत किया जाना हजारों शिल्पकारों के लिए दिवाली का सबसे बड़ा तोहफा होगा क्योंकि जीएसटी कम होने से इस क्षेत्र को घरेलू मार्केट में राहत मिलेगी। इससे कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी। साथ ही वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी पूरा करने में सहायक होगा।
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