फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The Ater Bridge, which connects two states, has developed cracks, revealing exposed rebar as cement crumbles, raising questions about the quality of construction even before traffic resumes on the bridge.

Agra News: दो राज्यों को जोड़ने वाले अटेर पुल में आई दरार, सीमेंट उखड़ने से निकली सरिया, पुल पर आवागमन शुरू होने से पहले ही उठने लगे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

Thu, 25 Jun 2026 12:43 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 12:43 AM IST
विज्ञापन
The Ater Bridge, which connects two states, has developed cracks, revealing exposed rebar as cement crumbles, raising questions about the quality of construction even before traffic resumes on the bridge.
बाह: अटेर पुल में दरार- उखड़ने लगा प्लास्टर
बाह। मध्य प्रदेश के भिंड एवं उत्तर प्रदेश के जैतपुर को जोड़ने वाले चंबल नदी के अटेर पुल पर आवागमन शुरू होने से पहले ही दरार दिखने लगी है। सीमेंट उखड़ने से सरिया निकल आई है। रेलिंग भी टूटने लगी है। प्लास्टर भी उखड़ने लगा है। पुल पर यातायात शुरू होने से पहले ही कंकरीट उखड़ने से पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन

125 करोड़ की लागत में बन रहा अटेर पुल शुरू होने से पहले ही जर्जर हो गया है। अटेर-नंदगवा घाट पर निर्माणाधीन पुल पर फिलहाल आवागमन शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में बिना यातायात दबाव के प्लेटफार्म पर सरिया उभरना चिंताजनक है। ग्रामीणों संदीप कुशवाह, सचिन पुरवंशी, विकास यादव, विजय यादव, अरविंद शाक्य, लक्ष्मण सिंह नरवरिया, हरिओम ओझा, हरीशंकर सोनी, रछपाल पुरवंशी, मनोज यादव आदि का कहना है कि बारिश का पानी क्षतिग्रस्त दरारों से होकर पुल के अंदर जा रहा है। पुल की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने हाल ही में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। अटेर पुल का निर्माण 10 साल से हो रहा है। पुल 2025 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन अतिरिक्त हिस्से (350 मीटर) का निर्माण किए जाने के चलते इस पुल से आवागमन बंद कर दिया गया है। ऐसे में ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि पुल का रास्ता लंबे समय से बंद क्यों रखा गया है? क्या केवल तकनीकी कारण हैं या निर्माण संबंधी कमियां छिपाने का प्रयास हो रहा है? निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है। लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन



फैक्ट फाइल-
350 मीटर अतिरिक्त पुल का निर्माण
125 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण
2017 से चल रहा है निर्माण का काम
2025 में बनकर तैयार हुआ था पुल
2021 में आई बाढ़ के बाद बढ़ाई गई ऊंचाई


वर्जन:
क्षतिग्रस्त हिस्से की होगी मरम्मत व जांच
- शरारती तत्वों ने रेलिंग को नुकसान पहुंचाया है। डेक का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त है, उसकी मरम्मत होगी। जांच भी कराई जाएगी।- सौरभ गौड़, एसडीओ, सेतु निगम, भिंड
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed