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Agra News: शहीद स्मारक की बाउंड्रीवाल तुड़वाने वाला लेखपाल निलंबित
Sun, 01 Sep 2024 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 01 Sep 2024 10:50 PM IST
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गांव घुटारा में ग्रामीणों से वार्ता करते एसडीएम किशनी।
किशनी। गांव घुटारा में शहीद स्मारक की बाउंड्रीवाल तोड़े जाने के मामले में प्रशासन ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है। ये कार्रवाई सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा एक्स पर की गई पोस्ट के बाद की गई है। रविवार को गांव पहुंचे एसडीएम गोपाल शर्मा ने भी पूरे मामले की जानकारी जुटाई। उन्होंने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजे जाने की बात कही है। करने की बात गलत पाई गई है।
कारगिल शहीद मुनीष कुमार यादव के स्मारक की बाउंड्रीवाल तोड़ने की शिकायत दो दिन पहले पत्नी मंजू यादव ने की थी। मामले में डीएम ने एसडीएम किशनी को जांच के आदेश दिए थे। शनिवार रात को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। उन्होंने लिखा था कि भाजपा सरकार अब शहीदों के स्मारक भी गिरवाने लगी है। उन्होंने अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल हर्षवर्धन को एसडीएम ने निलंबित कर दिया। उन पर नियमों का पालन न करने व उच्चाधिकारियों को अवगत न कराने के लिए ये कार्रवाई की गई है।
रविवार को एसडीएम किशनी गोपाल शर्मा गांव पहुंचे। उन्होंने मामले में पूरी जानकारी जुटाई। यहां एक पक्ष ने बताया कि शहीद स्मारक की भूमि सरकार से शहीद मुनीष कुमार के परिवार को पट्टे में मिली। इस जमीन की एक भुजा सरकारी चकमार्ग से लगी है। कुछ समय पहले शहीद के परिजन ने खंभे लगाकर भूमि की फेंसिंग करने के दौरान चकमार्ग को भी शामिल कर लिया। इसी चकमार्ग को खोलने के लिए दी गई शिकायत पर लेखपाल ने कार्रवाई की थी।
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एसडीएम की जांच में भी ये बात सामने आई है। गांव पहुंचे एसडीएम से भी दूसरे पक्ष ने चकमार्ग को खुलवाने की मांग की। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल ने चकमार्ग खुलवाने के लिए केवल फेंसिंग के दो खंभे हटवाए थे। शहीद स्मारक को कोई क्षति नहीं पहुंचाई गई है। फिर भी लेखपाल द्वारा बिना नोटिस दिए कार्रवाई करने और उच्चाधिकारियों को अवगत न कराने के लिए निलंबित किया गया है। 3 सितंबर को शहीद के परिजन आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे पक्ष ने दी धरने की धमकी
गांव निवासी मुकेश कुमार, राजू सिंह, पूर्ण प्रकाश, सुरेंद्र आदि ग्रामीण अब दूसरी बात पर अड़े हैं। उनका कहना है कि उनके द्वारा सरकारी चकरोड से कब्जा हटवाने के लिए शिकायत की गई थी। लेखपाल के द्वारा चकरोड खुलवाने के लिए ही कार्रवाई की गई है। अगर लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई होती है तो वे धरना देंगे।
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कारगिल शहीद मुनीष कुमार यादव के स्मारक की बाउंड्रीवाल तोड़ने की शिकायत दो दिन पहले पत्नी मंजू यादव ने की थी। मामले में डीएम ने एसडीएम किशनी को जांच के आदेश दिए थे। शनिवार रात को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। उन्होंने लिखा था कि भाजपा सरकार अब शहीदों के स्मारक भी गिरवाने लगी है। उन्होंने अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल हर्षवर्धन को एसडीएम ने निलंबित कर दिया। उन पर नियमों का पालन न करने व उच्चाधिकारियों को अवगत न कराने के लिए ये कार्रवाई की गई है।
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रविवार को एसडीएम किशनी गोपाल शर्मा गांव पहुंचे। उन्होंने मामले में पूरी जानकारी जुटाई। यहां एक पक्ष ने बताया कि शहीद स्मारक की भूमि सरकार से शहीद मुनीष कुमार के परिवार को पट्टे में मिली। इस जमीन की एक भुजा सरकारी चकमार्ग से लगी है। कुछ समय पहले शहीद के परिजन ने खंभे लगाकर भूमि की फेंसिंग करने के दौरान चकमार्ग को भी शामिल कर लिया। इसी चकमार्ग को खोलने के लिए दी गई शिकायत पर लेखपाल ने कार्रवाई की थी।
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एसडीएम की जांच में भी ये बात सामने आई है। गांव पहुंचे एसडीएम से भी दूसरे पक्ष ने चकमार्ग को खुलवाने की मांग की। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल ने चकमार्ग खुलवाने के लिए केवल फेंसिंग के दो खंभे हटवाए थे। शहीद स्मारक को कोई क्षति नहीं पहुंचाई गई है। फिर भी लेखपाल द्वारा बिना नोटिस दिए कार्रवाई करने और उच्चाधिकारियों को अवगत न कराने के लिए निलंबित किया गया है। 3 सितंबर को शहीद के परिजन आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे पक्ष ने दी धरने की धमकी
गांव निवासी मुकेश कुमार, राजू सिंह, पूर्ण प्रकाश, सुरेंद्र आदि ग्रामीण अब दूसरी बात पर अड़े हैं। उनका कहना है कि उनके द्वारा सरकारी चकरोड से कब्जा हटवाने के लिए शिकायत की गई थी। लेखपाल के द्वारा चकरोड खुलवाने के लिए ही कार्रवाई की गई है। अगर लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई होती है तो वे धरना देंगे।