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Mathura: आगरा किले में मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबी हैं ठाकुर केशवदेव की मूर्तियां, अदालत में किया गया दावा

Fri, 23 Dec 2022 10:43 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 23 Dec 2022 10:43 PM IST
सार

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह ने अदालत में दावा दाखिल किया है, जिसमें आगरा किले की मस्जिद के नीचे दबी मूर्तियों को निकलवाने की मांग की गई है। 

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Thakur Keshavdev statue is buried under the stairs of the mosque in Agra Fort
जिला एवं सत्र न्यायालय मथुरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरंगजेब ने भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर को तोड़कर उसमें स्थापित ठाकुर केशवदेव के श्रीविग्रह (मूर्ति) को आगरा भिजवा दिया और इन्हें मस्जिद की सीढ़ियों में दबवा दिया। यह दावा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह ने मथुरा के फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन नीरज गौंड की अदालत में किया। उन्होंने अदालत से मांग की है कि बेगम साहिबा की मस्जिद की सीढ़ियों से लोगों का आवागमन बंद किया जाए। सीढ़ियों के नीचे दबे इन विग्रहों को निकालकर ठाकुर केशवदेव मंदिर में स्थापित किया जाए।

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न्यायालय में दर्ज किए गए दावे में वादी महेंद्र प्रताप सिंह और वृंदावन निवासी श्यामा नंद पंडित उर्फ शिवचरन अवस्थी ने यूनियन ऑफ इंडिया बजरिये केंद्री सचिव दिल्ली, डायरेक्टर जनरल आक्रोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया तिलक मार्ग नई दिल्ली, अधीक्षक भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण आगरा, निदेशक भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण मथुरा को प्रतिवादी बनाया है। 

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वादी ने किया यह दावा 

वादी ने कहा कि 1670 में औरंगजेब ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर बने ठाकुर केशवदेव के मंदिर को विध्वंस कर दिया। मंदिर में स्थापित कीमती रत्नजड़ित छोटे एवं बड़े देव विग्रहों को आगरा ले जाया गया। जिन्हें मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबा दिया। यह देव विग्रह आज भी मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफन हैं, जो कि प्रतिवादीगण के अधीन है। 

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वादी ने बताया कि उक्त तथ्यों का उल्लेख  औरंगजेब के मुख्य दरबारी मुस्तैक खान द्वारा लिखित पुस्तक मासर ई आलमगिरी में है, जिसका अरबी भाषा से अंग्रेजी अनुवाद दुनाथ सरकार ने किया है। इतिहासकार बीएस भटनागर द्वारा लिखित पुस्तक में भी इसका वर्णन मिलता है।

महेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत से प्रार्थना की है कि उक्त सीढ़ियों पर लोगों को आने जाने से रोका जाए तथा सीढ़ियों को खुदवाकर उनमें दफन की गई विग्रहों को निकालकर ठाकुर केशव देव मंदिर में स्थापित किया जाए। वादीगण ने बताया कि अदालत ने इसकी अगली सुनवाई के लिए 23 जनवरी को होगी।

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