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पत्नी की हत्या के दोषी को दस साल कारावास की सजा
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मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में 27 साल पहले दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को एफटीसी (प्रथम) जज निधि ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मध्य प्रदेश के जिला भिंड निवासी शरद पांडेय ने पुत्री सविता की शादी थाना कोतवाली के स्टेशन रोड निवासी राकेश मिश्रा के साथ 18 फरवरी 1991 को की थी। दहेज की मांग को लेकर 9 फरवरी 1995 को सविता की हत्या कर दी गई। पिता ने राकेश के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। अभियोजन पक्ष की पैरवी एडीजीसी मुकुल रायजादा और मनोज वर्मा ने की।
पुलिस ने निकाले नाम
सविता के पिता शरद पांडेय ने दहेज हत्या की रिपोर्ट ससुरारीजनों के खिलाफ दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में पति राकेश, जेठ अखिल, राजीव और विनोद, जेठानी अंगूरी और राधा पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच में राकेश को दोषी पाया था। शेष के नाम निकाल दिए थे।
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हाईकोर्ट से चल रहा था स्टे
राकेश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। 2019 में हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक हटने के बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। राकेश के खिलाफ 7 फरवरी 2019 को दहेज हत्या का आरोप तय किया गया। उसके बाद मुकदमे में गवाही शुरू हुई।
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मध्य प्रदेश के जिला भिंड निवासी शरद पांडेय ने पुत्री सविता की शादी थाना कोतवाली के स्टेशन रोड निवासी राकेश मिश्रा के साथ 18 फरवरी 1991 को की थी। दहेज की मांग को लेकर 9 फरवरी 1995 को सविता की हत्या कर दी गई। पिता ने राकेश के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। अभियोजन पक्ष की पैरवी एडीजीसी मुकुल रायजादा और मनोज वर्मा ने की।
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पुलिस ने निकाले नाम
सविता के पिता शरद पांडेय ने दहेज हत्या की रिपोर्ट ससुरारीजनों के खिलाफ दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में पति राकेश, जेठ अखिल, राजीव और विनोद, जेठानी अंगूरी और राधा पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच में राकेश को दोषी पाया था। शेष के नाम निकाल दिए थे।
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हाईकोर्ट से चल रहा था स्टे
राकेश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। 2019 में हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक हटने के बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। राकेश के खिलाफ 7 फरवरी 2019 को दहेज हत्या का आरोप तय किया गया। उसके बाद मुकदमे में गवाही शुरू हुई।