{"_id":"5d1509d88ebc3e3cc1644fd5","slug":"temprecher-hot-weather-mainpuri-news-agr3934703121","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारा 40 के पार, तेज हुआ गर्मी का वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारा 40 के पार, तेज हुआ गर्मी का वार
विज्ञापन
गर्मी से बचने के लिए कपड़े से मुंह ढककर गुजरतीं युवतियां।
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जून का महीना बीतने को है, लेकिन गर्मी का सितम अब भी जारी है। गुरुवार को मौसम ने फिर करवट बदली तो अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हाल ये है कि लोग गर्मी से परेशान हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है।
पिछले एक सप्ताह से गर्मी में कुछ कमी आई थी। हालांकि बारिश न होने के चलते मौसम ठंडा नहीं हो सका था। कभी अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तो कभी 36 डिग्री सेल्सियस रहता है। इसके चलते लोगों को पंखे कूलर में राहत मिल जाती थी।
लेकिन गुरुवार को तापमान सीधे 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बारिश की अगर बात करें तो रोज आसमान में छाए काले बादल हवाओं के साथ उड़ जाते हैं। इससे बारिश नहीं हो रही है और मौसम गर्म है।
विज्ञापन
उधर, तापमान बढ़ने और बारिश न होने से किसानों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। एक ओर जहां धान की फसल की उन्हें निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर पानी गर्मी के चलते जल्दी सूख जा रहा है। अगर बारिश नहीं होती है तो किसानों को बड़ा झटका लगेगा।
विज्ञापन
पिछले एक सप्ताह से गर्मी में कुछ कमी आई थी। हालांकि बारिश न होने के चलते मौसम ठंडा नहीं हो सका था। कभी अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तो कभी 36 डिग्री सेल्सियस रहता है। इसके चलते लोगों को पंखे कूलर में राहत मिल जाती थी।
विज्ञापन
लेकिन गुरुवार को तापमान सीधे 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बारिश की अगर बात करें तो रोज आसमान में छाए काले बादल हवाओं के साथ उड़ जाते हैं। इससे बारिश नहीं हो रही है और मौसम गर्म है।
विज्ञापन
उधर, तापमान बढ़ने और बारिश न होने से किसानों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। एक ओर जहां धान की फसल की उन्हें निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर पानी गर्मी के चलते जल्दी सूख जा रहा है। अगर बारिश नहीं होती है तो किसानों को बड़ा झटका लगेगा।