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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   team Modi is split on High court Bench issue

खंडपीठ के मुद्दे पर विखंडित होती ‘टीम मोदी’

Fri, 09 Jan 2015 02:27 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
ब्यूरो अमर उजाला Updated Fri, 09 Jan 2015 02:27 AM IST
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खंडपीठ के मुद्दे पर विखंडित होती ‘टीम मोदी’
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आगरा में हाईकोर्ट बेंच की मांग ने भाजपा के अंदर ही अंतर्कलह बढ़ा दी है। इस मुद्दे को लेकर अब तक सिर्फ मेरठ और आगरा के बीच ही खेमेबाजी चल रही थी, सियासत इसे क्षेत्रीय राजनीति के धरातल तक खींच लाई है। अपनी ही टीम के साथियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया ने एक और ‘अन्य’ साथी को आड़े हाथों लिया। कठेरिया ने इन पर अखबारों में छपने के लिए घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया है। इस दौरान उन्होंने पार्टी में अपने कद और अपने बढ़ते रसूख का भी हवाला दिया।
दीवानी के बार हाल में अधिवक्ताओं का समर्थन करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया ने अपनी ही टीम के साथियों पर जमकर हमला बोला। बागपत के सांसद सतपाल और मुजफ्फनगर के सांसद डा. संजीव बालीयान का नाम लेकर उनके राजनीतिक कॅरियर को चुनौती दी। वहीं, बिना नाम लिए एक ‘अन्य’ साथी पर भड़ास निकाली। उनके खिलाफ अधिवक्ताओं को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मैंने पांच साल वकीलों के लिए सड़क पर प्रदर्शन किया। दिल्ली में पुलिस द्वारा पानी की बौछार में मैं सबसे आगे रहा। फिर भी आगरा के वकील मेरा पुतला फूंक रहे हैं।
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पुराने मुद्दों पर सफाई
कठेरिया ने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में जाने के कारण वह हाल ही में दिल्ली में हुए अधिवक्ताओं के प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाए थे। बता दें कि इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक समर्थन जुटाने को लेकर अधिवक्ताओं ने सांसदों और मंत्रियों से समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर कराए थे, इस पर कठेरिया के हस्ताक्षर नहीं थे। इस पर एक ‘अन्य’ साथी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘संसद में हमारे साथी एक चिट्ठी लेकर साइन कराने आए थे। मगर, सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होने के कारण संसद से बाहर निकलकर चिट्ठी पर साइन करने को कहा। अखबार में छपने के लिए इस मामले को बेवजह तूल दिया गया।’
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पार्टी में अपने पकड़ की ओर इशारा
अधिवक्ताओं के समक्ष कठेरिया ने पार्टी में अपनी पकड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद मेरा मंत्री बनना तय था। मगर, किसी कारणवश मुझे मंत्री नहीं बनाया गया लेकिन पार्टी ने मुझे महासचिव नियुक्त कर दिया। मगर, बाद में मुझे महासचिव रहते हुए मंत्री पद भी दिया गया। उन्होंने कहा कि मुझे अभी बहुत आगे जाना है।
इनसेट
राज्यमंत्री बनने के बाद ही घिरे विवाद में
खंडपीठ के मुद्दे को लेकर कठेरिया केंद्रीय राज्यमंत्री बनने के बाद ही विवादों में घिर गए थे। मंत्री बनने के बाद पहली बार आगरा आने के दौरान उन्होंने आगरा में खंडपीठ स्थापित कराने के लिए केंद्र सरकार से पैरवी को लेकर बयान दिया था। इस पर मेरठ के वकील भड़क गए थे। हंगामे के बाद कठेरिया को सफाई देनी पड़ी थी। इस बीच केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने बयान दे दिया था कि मेरठ में खंडपीठ स्थापित करने को लेकर कठेरिया तैयार हो गए हैं। बाद में कठेरिया ने जनरल वीके सिंह के इस बयान का भी खंडन किया था। इसके कुछ दिनों तक कठेरिया शांत रहे मगर, तमाम विवादों के बाद अब वह इस मुद्दे को लेकर खुलकर सामने आ गए हैं।

आगरा बने राजधानी
अधिवक्ताओं के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छोटे राज्य बनाए जाने के पक्ष में हैं। कठेरिया ने कहा कि ऐसे में यदि उत्तर प्रदेश का विभाजन होता है तो आगरा को राजधानी बनाए जाने का प्रस्ताव रखा है। इससे खंडपीठ तो स्थापित हो ही जाएगी।
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