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विद्यालय आवंटन के लिए सात से भूख हड़ताल करेंगे चयनित शिक्षक
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बीएसए कार्यालय पर विद्यालय आवंटन के लिए प्रदर्शन करते चयनित शिक्षक- शिक्षिकाएं
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। नियुक्ति पत्र मिलने के डेढ़ माह बाद भी 11 शिक्षामित्र और पांच अन्य नवनियुक्त शिक्षकों को विद्यालय आवंटित नहीं हो सका है। परेशान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सात दिसंबर से बीएसए कार्यालय पर भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे नवनियुक्त शिक्षक- शिक्षिकाओं ने ज्ञापन सौंपा।
69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत 16 अक्तूबर को जिले में 241 पदों के लिए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। दो नवंबर को भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति पाने वाले शिक्षक- शिक्षिकाओं को विद्यालय आवंटित किए गए, लेकिन 16 शिक्षक- शिक्षिकाओं के विद्यालय आवंटन पर रोक लगा दी गई। ये शिक्षक- शिक्षिकाएं एक माह से विद्यालय आवंटन के लिए लगातार बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
इनमें से 11 शिक्षामित्र ऐसे हैं जिनके मामले में विभागीय गलती है। आवेदन के समय इन शिक्षामित्रों ने अपनी शिक्षामित्र पद पर नियुक्ति की तिथि सही भरी थी। नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें प्रतिवर्ष के ढाई अंक का भारांक दिया जाना था। अधिकतम 10 वर्ष का भारांक 25 दिया जाना था। विभाग ने आवेदन में कहीं ऐसा कॉलम नहीं दिया, जिसमें वे अपने नौकरी के कुल वर्ष भरते। विभागीय गलती से उन्हें पूरे 10 वर्ष के भारांक 25 अंक का लाभ दिया गया।
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इसमें आवेदकों की कोई गलती नहीं थी। आवेदक का चयन तो उनकी नियुक्ति के अनुसार किए गए कार्य में भी हो रहा है। इसके बाद भी विभाग उन्हें विद्यालय आवंटित नहीं कर रहा है। वहीं पांच चयनित शिक्षक-शिक्षिकाएं ऐसे हैं जिनके आवेदन में मानवीय भूल थी। हाईकोर्ट ने उनकी मानवीय भूल के सुधार के निर्देश दिए। कुछ जनपदों में ऐसे मामलों में विद्यालय आवंटित हो गया लेकिन जिले में ऐसे शिक्षकों को विद्यालय आवंटित नहीं किया गया।
मामले में बीएसए विजय प्रताप सिंह का कहना है कि संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाओं के संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। आदेश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में दीपेश कुमार, राहुल वर्मा, प्रशांत कुमार, ज्योति, नीलम यादव, विनीता देवी, सीमा कुमारी, जितेंद्र कुमार, सुधीर पाल, सतेंद्रीय, कश्मीर सिंह, योगेंद्र सिंह, नीतेश कुमार, अंजू सिंह आदि शामिल रहे।
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69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत 16 अक्तूबर को जिले में 241 पदों के लिए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। दो नवंबर को भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति पाने वाले शिक्षक- शिक्षिकाओं को विद्यालय आवंटित किए गए, लेकिन 16 शिक्षक- शिक्षिकाओं के विद्यालय आवंटन पर रोक लगा दी गई। ये शिक्षक- शिक्षिकाएं एक माह से विद्यालय आवंटन के लिए लगातार बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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इनमें से 11 शिक्षामित्र ऐसे हैं जिनके मामले में विभागीय गलती है। आवेदन के समय इन शिक्षामित्रों ने अपनी शिक्षामित्र पद पर नियुक्ति की तिथि सही भरी थी। नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें प्रतिवर्ष के ढाई अंक का भारांक दिया जाना था। अधिकतम 10 वर्ष का भारांक 25 दिया जाना था। विभाग ने आवेदन में कहीं ऐसा कॉलम नहीं दिया, जिसमें वे अपने नौकरी के कुल वर्ष भरते। विभागीय गलती से उन्हें पूरे 10 वर्ष के भारांक 25 अंक का लाभ दिया गया।
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इसमें आवेदकों की कोई गलती नहीं थी। आवेदक का चयन तो उनकी नियुक्ति के अनुसार किए गए कार्य में भी हो रहा है। इसके बाद भी विभाग उन्हें विद्यालय आवंटित नहीं कर रहा है। वहीं पांच चयनित शिक्षक-शिक्षिकाएं ऐसे हैं जिनके आवेदन में मानवीय भूल थी। हाईकोर्ट ने उनकी मानवीय भूल के सुधार के निर्देश दिए। कुछ जनपदों में ऐसे मामलों में विद्यालय आवंटित हो गया लेकिन जिले में ऐसे शिक्षकों को विद्यालय आवंटित नहीं किया गया।
मामले में बीएसए विजय प्रताप सिंह का कहना है कि संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाओं के संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। आदेश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में दीपेश कुमार, राहुल वर्मा, प्रशांत कुमार, ज्योति, नीलम यादव, विनीता देवी, सीमा कुमारी, जितेंद्र कुमार, सुधीर पाल, सतेंद्रीय, कश्मीर सिंह, योगेंद्र सिंह, नीतेश कुमार, अंजू सिंह आदि शामिल रहे।