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Agra: जीपीएफ और ब्याज के बकाया पर फूटा शिक्षकों का गुस्सा, लखनऊ में सौंपा ज्ञापन
Sat, 29 Nov 2025 10:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 29 Nov 2025 10:22 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ ने लखनऊ कोषागार निदेशक और सीईओ से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपा गया।
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शिक्षक सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षक एवं कर्मचारियों को वर्ष 2022 से अब तक जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) का भुगतान न मिलने से भारी आक्रोश पनप रहा है। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. महेश कांत शर्मा ने बताया कि लेखाधिकारी तथा मुख्य कोषाधिकारी की लापरवाही के कारण इन कर्मचारियों का भुगतान लंबित है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 से ट्रेजरी से ब्याज भुगतान (जीपीएफ पर लगने वाला ब्याज) न होने के चलते अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों का जीपीएफ भुगतान रुका हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान से भी इस मामले की शिकायत की पर कोई हल नहीं हुआ।
इसके बाद संगठन ने निदेशक कोषागार विजय कुमार सिंह और सीईओ प्रमिला मिश्रा से लखनऊ स्थित निदेशालय में मुलाकात की। उन्हें भुगतान के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया। उन्होंने बताया कि शासन से अनुपूरक बजट की मांग की गई है, और बजट प्राप्त होते ही बकाया भुगतान किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 से ट्रेजरी से ब्याज भुगतान (जीपीएफ पर लगने वाला ब्याज) न होने के चलते अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों का जीपीएफ भुगतान रुका हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान से भी इस मामले की शिकायत की पर कोई हल नहीं हुआ।
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इसके बाद संगठन ने निदेशक कोषागार विजय कुमार सिंह और सीईओ प्रमिला मिश्रा से लखनऊ स्थित निदेशालय में मुलाकात की। उन्हें भुगतान के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया। उन्होंने बताया कि शासन से अनुपूरक बजट की मांग की गई है, और बजट प्राप्त होते ही बकाया भुगतान किया जाएगा।
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