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साहब के लिए ताक पर नियम: पुलिस ने बिना डायवर्जन रोक दिया रास्ता, घंटों परेशान रहे लोग; पैदल भी न निकलने दिया

Sun, 11 Oct 2026 10:44 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 11 Oct 2026 10:44 AM IST
सार

स्थानीय लोगों ने वाहनों को रोके जाने का कारण पूछा तो पुलिसकर्मियों कहा कि साहब अभी जनकपुरी में हैं इसलिए आगे नहीं जाने दे सकते। लोगों ने विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि हमारी मजबूरी है। साहब के जाने के बाद ही रास्ते को खोला जाएगा। तब तक किसी दूसरे रास्ते से निकल जाओ। 

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Police blocked road for an official without diversion plan people were stuck in a traffic jam for hours
साहब की गाड़ी के लिए भीड़ को रोकता पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जनकपुरी में पुलिस अफसरों के मनोरंजन के लिए शनिवार को नियम कायदे ताक पर रख दिए गए। स्थानीय निवासियों को घंटों तक जेल की तरह घरों में कैद रहना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने रास्ते पर बैरियर लगा दिए। इससे बाहर गए लोग घरों तक नहीं पहुंच सके। शिकायत के बाद भी समाधान न होने पर लोग व्यवस्था को कोसते नजर आए।
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जनकपुरी का आयोजन हाईवे से सटी भावना एस्टेट कॉलोनी में किया गया। चार दिन के आयोजन के बाद शनिवार को समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में पुलिस-प्रशासनिक अफसर भी शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने कहा कि कई दिन से भीड़ की वजह से घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था।
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शनिवार को पुलिस ने कसर पूरी कर दी। जगह-जगह बैरियर लगाकर आगे नहीं बढ़ने दिया दिया गया। लोगों को घर तक पहुंचने के लिए देर रात तक का इंतजार करना पड़ा। पुलिसकर्मी और उनके परिचितों के वाहन बिना रोक-टोक जा रहे थे। उनसे वाहन पास के बारे में भी नहीं पूछा जा रहा था।
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भावना एस्टेट के आसपास दो दर्जन से अधिक अपार्टमेंट के अलावा कॉलोनी और मोहल्ले हैं। रोजाना रोजमर्रा के काम के लिए लोगों को जाना पड़ता है। पुलिस ने जनकपुरी क्षेत्र में दोपहर 3:00 बजे से ही आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। इससे भारी परेशानी उठानी पड़ी।

साहब अभी अंदर हैं, नहीं जाने देंगे
रात 10 बजे लोगों ने जब घरों की ओर रुख किया तो भावना एस्टेट के प्रवेश द्वार पर पुलिस ने बैरियर लगा दिए। पहले से जनकपुरी में डायवर्जन का कोई प्लान नहीं बनाया था। स्थानीय लोगों ने वाहनों को रोके जाने का कारण पूछा तो कहा कि साहब अभी जनकपुरी में हैं इसलिए आगे नहीं जाने दे सकते। लोगों ने विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि हमारी मजबूरी है। साहब के जाने के बाद ही रास्ते को खोला जाएगा। तब तक किसी दूसरे रास्ते से निकल जाओ। इस पर लोगों ने आक्रोश जताया।

 
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सिर्फ कागजों में रहा डायवर्जन
जनकपुरी के आयोजन को देखते हुए 7 से 9 अक्तूबर तक डायवर्जन किया गया था। रात 11:00 बजे से खुलने वाली नो एंट्री भी नहीं खोलने के आदेश था। इसके बाद भी तीनों दिन हाईवे पर भारी वाहन दौड़ते रहे। इस पर अफसर आंखें मूंदे रहे। शनिवार को आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे लेकिन हाईवे पर किसी तरह का डायवर्जन नहीं था। भारी वाहनों की वजह से जाम भी लग रहा था। पुलिस सिर्फ आम लोगों के वाहन ही रोकती रही।

मंच तक पहुंचे अफसरों के वाहन
जनकपुरी स्थल पर आने वाले लोगों के लिए वीआईपी सहित सात पार्किंग बनाई गई थीं। इनमें वीआईपी पार्किंग जनक महल के ठीक पीछे थी। आम लोगों की पार्किंग आयोजन स्थल से एक से डेढ़ किमी. दूर थीं। लोग वाहन खड़े कर आधे घंटे पैदल चलकर कार्यक्रम तक पहुंच पा रहे थे लेकिन पुलिस अफसरों के वाहन पार्किंग के बजाय मंच के निकट तक पहुंच रहे थे। अफसरों के आने पर पुलिस लोगों को पैदल चलने से भी रोक रही थी।

स्थानीय लोगों को रोका गया है तो डीसीपी ट्रैफिक से जवाब लिया जाएगा। आखिर लोगों को परेशानी क्यों होने दी गई। भीड़ थी तो भारी वाहनों को रोका जाना चाहिए था। -दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त
 
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