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आगराः अब नहीं बचेंगे बीटीसी ट्रेनिंग का फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाले शिक्षक, तलाश शुरू
Wed, 10 Jun 2020 02:45 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 10 Jun 2020 02:45 PM IST
सार
11 फरवरी 2020 को ही यह जानकारी मांगी गई थी
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बीटीसी ट्रेनिंग के फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षक भी अब तलाशे जाएंगे। सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद विजय शंकर मिश्र ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से 15 जून तक रिपोर्ट मांगी है।
सचिव को जिले से दो बिंदुओं पर जानकारी भेजी जानी है। बीएसए को बताना होगा कि जिले में कितने अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच/सत्यापन संबंधित बोर्डों और विश्वविद्यालयों से कराया जाना बाकी है। अभी तक बीटीसी ट्रेनिंग के फर्जी प्रमाणपत्रों से संबंधित कितने मामलों में शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यह भी कहा गया है कि समय पर सूचना न देने पर बीएसए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। 11 फरवरी 2020 को ही यह जानकारी मांगी गई थी। प्रदेश के महज 11 जिलों को छोड़कर बाकी ने सूचना नहीं दी है, इसमें आगरा भी शामिल है।
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बीएसए राजीव कुमार यादव का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारियों को बीटीसी ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र लगाने वाले शिक्षकों की जांच करके रिपोर्ट 15 जून से पहले देने के निर्देश दिए गए हैं। जिन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की सत्यापन रिपोर्ट नहीं आई है, उनका सत्यापन संबंधित संस्थानों से कराया जाएगा।
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सचिव को जिले से दो बिंदुओं पर जानकारी भेजी जानी है। बीएसए को बताना होगा कि जिले में कितने अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच/सत्यापन संबंधित बोर्डों और विश्वविद्यालयों से कराया जाना बाकी है। अभी तक बीटीसी ट्रेनिंग के फर्जी प्रमाणपत्रों से संबंधित कितने मामलों में शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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यह भी कहा गया है कि समय पर सूचना न देने पर बीएसए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। 11 फरवरी 2020 को ही यह जानकारी मांगी गई थी। प्रदेश के महज 11 जिलों को छोड़कर बाकी ने सूचना नहीं दी है, इसमें आगरा भी शामिल है।
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बीएसए राजीव कुमार यादव का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारियों को बीटीसी ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र लगाने वाले शिक्षकों की जांच करके रिपोर्ट 15 जून से पहले देने के निर्देश दिए गए हैं। जिन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की सत्यापन रिपोर्ट नहीं आई है, उनका सत्यापन संबंधित संस्थानों से कराया जाएगा।