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Mathura: शिक्षक भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा,  STF की जांच में दो शिक्षक नेताओं सहित पांच के प्रमाणपत्र निकले फर्जी

Tue, 31 May 2022 01:43 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 31 May 2022 01:43 PM IST
सार

शिक्षक भर्ती घोटाले में जांच कर रही एसटीएफ के हाथ पांच और शिक्षकों के प्रमाण पक्ष फर्जी होने की जानकारी लगी है। इन शिक्षकों में दो शिक्षक नेता हैं। इनकी सूची बीएसए को भेजते हुए एसटीएफ ने विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 
 

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teacher recruitment scam STF investigation found fake certificates of five including two teacher leaders in Mathura
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा में विभिन्न शिक्षक भर्तियों में फर्जी प्रमाणपत्र या फिर उनमें हेराफेरी करने वाले शिक्षकों की लिस्ट जनपद में लंबी होती जा रही है। अब एसटीएफ ने पांच और शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़ा पकड़ा है। इसमें दो शिक्षक नेता भी हैं। इनकी सूची बीएसए को भेजते हुए एसटीएफ ने विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पर बीएसए ने फिलहाल संबंधित शिक्षकों का वेतन रोक दिया है।

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जनपद में तीन साल पहले फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाला सामने आया था। बगैर चयन प्रक्रिया में शामिल हुए फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती पा ली थी। इसकी जांच एसटीएफ द्वारा की जा रही है। इसके अलावा कई अन्य भर्तियों में फर्जी प्रमाणपत्र भी जनपद में पकड़े गए हैं। यह जांच भी एसटीएफ कर रही है। इन विभिन्न नियुक्तियों में उपयोग किए गए प्रमाणपत्रों को लेकर एसटीएफ को निरंतर शिकायतें मिल रही हैं। 

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शिक्षक नेता भी शामिल 

इन्हीं शिकायतों के आधार पर एसटीएफ ने पांच शिक्षकों के प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़ा पकड़ा है। इसमें अंशुल गौतम का दिव्यांग प्रमाणपत्र, नरेंद्र कुमार का बीटीसी अंकतालिका आवेदन की तिथि से आठ दिन बाद की मिली है। ये दोनों शिक्षक संगठनों के जिलाध्यक्ष भी हैं। इनके अलावा भूपेंद्र सिंह के नियुक्ति में टैट का प्रमाणपत्र नियुक्ति के छह माह बाद का मिला है। राजकुमार सारस्वत के शैक्षिक प्रमाणपत्रों में इंटर और स्नातक तथा रविंद्र सिंह के शैक्षिक बोर्ड फर्जी पाया गया है। 

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बीएसए ने रोका वेतन 

फिलहाल बीएसए ने उपरोक्त शिक्षकों के वेतन रोकने की कार्रवाई की है। हालांकि एसटीएफ की इस कार्रवाई को अप्रभावी बनाने के लिए राजनीतिक घेराबंदी शुरू हो गई है। बीएसए राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल वेतन रोक दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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