{"_id":"5dc307768ebc3e5b4d2e6315","slug":"teacher-mainpuri-news-agr414031152","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में डेंगू की दहशत, ढाई सौ से ज्यादा बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में डेंगू की दहशत, ढाई सौ से ज्यादा बीमार
विज्ञापन
06एमएनपी-11-बीएसए कार्यालय में फर्जी शिक्षकों की जांच करते जिला समिति के पदाधिकारी
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। तीन दिन तक चली फर्जी शिक्षकों की सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई। अंतिम दिन 23 में से 21 शिक्षक अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित हुए। तीन दिन में कुल 78 में से 72 शिक्षक जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए।
एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए शिक्षकों को जिलाधिकारी के निर्देश पर अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम मौका दिया गया। सोमवार से बुधवार तक विभिन्न विकास खंडों के शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होना था। तीन दिन तक चली जांच के अंतिम दिन 23 शिक्षकों को उपस्थित होना था जिसमें से मात्र 21 शिक्षक ही उपस्थित हुए। इस प्रकार तीन दिन तक चली जांच के दौरान 78 के सापेक्ष कुल 72 शिक्षक-शिक्षिकाएं अपना पक्ष रखने के लिए बीएसए कार्यालय पर जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए। बुधवार को प्राचार्य डायट नरेंद्र पाल सिंह, बीएसए विजय प्रताप सिंह, प्रधानाचार्या जीआईसी सुमन यादव, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवक्ता सुरेश चंद्र आदि के समक्ष शिक्षकों ने अपना पक्ष रखा।
शिक्षक बोले एसआईटी कर रही है परेशान
शिक्षकों ने डीएम द्वारा नामित जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उनकी जांच पूर्व में बेसिक शिक्षाधिकारियों द्वारा कराई गई थी। तब उन लोगों के अभिलेख सही पाए गए थे आखिर यह कैसे हो गया कि अब उनके अभिलेख फर्जी हैं। उन्हें एसआईटी द्वारा परेशान किया जा रहा है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी के निर्देश पर आरोपी शिक्षकों के बयान दर्ज कराए गए हैं। शीघ्र ही आगे की कार्रवाई के लिए जिला समिति के समक्ष रिपोर्ट रखी जाएगी।
विजय प्रताप सिंह बीएसए
विज्ञापन
एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए शिक्षकों को जिलाधिकारी के निर्देश पर अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम मौका दिया गया। सोमवार से बुधवार तक विभिन्न विकास खंडों के शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होना था। तीन दिन तक चली जांच के अंतिम दिन 23 शिक्षकों को उपस्थित होना था जिसमें से मात्र 21 शिक्षक ही उपस्थित हुए। इस प्रकार तीन दिन तक चली जांच के दौरान 78 के सापेक्ष कुल 72 शिक्षक-शिक्षिकाएं अपना पक्ष रखने के लिए बीएसए कार्यालय पर जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए। बुधवार को प्राचार्य डायट नरेंद्र पाल सिंह, बीएसए विजय प्रताप सिंह, प्रधानाचार्या जीआईसी सुमन यादव, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवक्ता सुरेश चंद्र आदि के समक्ष शिक्षकों ने अपना पक्ष रखा।
विज्ञापन
शिक्षक बोले एसआईटी कर रही है परेशान
शिक्षकों ने डीएम द्वारा नामित जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उनकी जांच पूर्व में बेसिक शिक्षाधिकारियों द्वारा कराई गई थी। तब उन लोगों के अभिलेख सही पाए गए थे आखिर यह कैसे हो गया कि अब उनके अभिलेख फर्जी हैं। उन्हें एसआईटी द्वारा परेशान किया जा रहा है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी के निर्देश पर आरोपी शिक्षकों के बयान दर्ज कराए गए हैं। शीघ्र ही आगे की कार्रवाई के लिए जिला समिति के समक्ष रिपोर्ट रखी जाएगी।
विजय प्रताप सिंह बीएसए