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जिले में दम तोड़ रहे क्षयरोगी, इस सप्ताह दूसरे मरीज ने तोड़ा दम
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09एमएनपी-57-किशनी में टीबी से युवक की मौत के बाद विलाप करते परिजन।
- फोटो : MAINPURI
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किशनी। क्षयरोग अब ला इलाज नहीं रहा। प्रतिवर्ष जागरूकता के नाम पर लाखों रुपये भी खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय लापरवाही के कारण लोगों की मौत हो रही है। इस सप्ताह में किशनी क्षेत्र में दूसरे मरीज की मौत हो गई। गांव चंदरपुर में शनिवार सुबह क्षयरोग से पीड़ित किसान की मौत हो गई।
क्षेत्र के गांव चंदरपुर निवासी 45 वर्षीय सर्वेश शाक्य पुत्र रामकिशन क्षयरोग से पीड़ित था। शनिवार की सुबह उसकी अचानक तबियत बिगड़ी। परिजन उसे सैफई ले गए। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सर्वेश की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इससे पूर्व सोमवार को थाना क्षेत्र के कस्बा कुसमरा निवासी 76 वर्षीय रघुवीर सिंह की भी जिला अस्पताल में क्षयरोग से पीड़ित होने पर मौत हो गई थी।
क्षयरोग से लगातार हो रही मौतों के लिए कहीं न कहीं विभाग भी जिम्मेदार है। विभाग जागरूकता कार्यक्रम के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च कर रहा है। इसके अतिरिक्त डीएमसी और डॉट केंद्र प्रभारी की भी जिम्मेदारी तय की गई है कि क्षयरोगी नियमित दवा ले रहा है कि नहीं इसकी निगरानी की जाए।
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क्षयरोग का हर संभव उपचार है। लोगों को चाहिए कि वे नियमित छह माह की दवा का सेवन करें। इसके लिए डॉट केंद्र प्रभारियों को भी सजग किया गया है। आखिर गलती कहां पर हो रही है इसकी जांच की जाएगी।
डॉ. सीएम यादव, जिला क्षयरोग अधिकारी
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क्षेत्र के गांव चंदरपुर निवासी 45 वर्षीय सर्वेश शाक्य पुत्र रामकिशन क्षयरोग से पीड़ित था। शनिवार की सुबह उसकी अचानक तबियत बिगड़ी। परिजन उसे सैफई ले गए। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सर्वेश की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इससे पूर्व सोमवार को थाना क्षेत्र के कस्बा कुसमरा निवासी 76 वर्षीय रघुवीर सिंह की भी जिला अस्पताल में क्षयरोग से पीड़ित होने पर मौत हो गई थी।
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क्षयरोग से लगातार हो रही मौतों के लिए कहीं न कहीं विभाग भी जिम्मेदार है। विभाग जागरूकता कार्यक्रम के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च कर रहा है। इसके अतिरिक्त डीएमसी और डॉट केंद्र प्रभारी की भी जिम्मेदारी तय की गई है कि क्षयरोगी नियमित दवा ले रहा है कि नहीं इसकी निगरानी की जाए।
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क्षयरोग का हर संभव उपचार है। लोगों को चाहिए कि वे नियमित छह माह की दवा का सेवन करें। इसके लिए डॉट केंद्र प्रभारियों को भी सजग किया गया है। आखिर गलती कहां पर हो रही है इसकी जांच की जाएगी।
डॉ. सीएम यादव, जिला क्षयरोग अधिकारी