Taj Mahal: ताजगंज के लोगों ने बनाई संघर्ष समिति, बोले- हमारी रोजी-रोटी का सवाल है, कोर्ट से इंसाफ मांगेंगे
ताजगंज के व्यापारियों ने संघर्ष समिति के अध्यक्ष के लिए नितिन सिंह को नियुक्त किया है, जो गाइड हैं और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ताज दिखाने के बाद चर्चा में आए थे।
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ताजमहल बंदी के दिन शुक्रवार को ताजगंज के दुकानदारों ने पूर्वी गेट पर पाठक प्रेस के सामने बैठक की, जिसमें दुकानदारों ने तय किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ताजमहल के 500 मीटर परिधि में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक के आदेश से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
व्यापारियों ने कहा कि ये रोजी रोटी का सवाल है। सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर इंसाफ मांगेंगे। इस बैठक में ताजगंज के व्यापारियों ने संघर्ष समिति के अध्यक्ष के लिए नितिन सिंह को नियुक्त किया है, जो गाइड हैं और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ताज दिखाने के बाद चर्चा में आए थे।
ये लोग बने समिति के सदस्य
शुक्रवार शाम को हुई बैठक में ताजगंज के लोगों ने अदालत के आदेश के बाद संघर्ष समिति का गठन किया, जिसमें नितिन सिंह को अध्यक्ष और सचिन बंसल, शीतल राजपूत, आयुष गुप्ता, आरिफ तैमूरी, जुबैर, सुनील श्रीवास्तव और संदीप अरोड़ा को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट में ताजगंज के व्यापारियों और लोगों का पक्ष रखेगी।
पूर्व विधायक केशो मेहरा ने 1996 में दायर की गई याचिका और उससे जुड़े कागजातों को उपलब्ध कराने तथा कोर्ट केस में मदद का भरोसा दिया। ताजगंज के लोगों ने उन्हें नेतृत्व करने के लिए कहा था, पर उन्होंने स्थानीय युवा को ही संघर्ष करने के लिए कहा, जिसके बाद ताजगंज निवासियों की कमेटी का गठन किया गया।
दुकानों के हटा दिए बोर्ड, नाम
ताजमहल के पास ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी गेट पर बनी सभी दुकानों के नाम एक रंग, एक फॉंट में लगवाए गए थे, जिससे समानता रहे, लेकिन एडीए द्वारा शुरू किए गए सर्वे के बाद दक्षिणी गेट से लेकर पूरे ताजगंज में इन बोर्ड और फ्लेक्स को फाड़ दिया गया।एडीए के इंजीनियर और सर्वे टीम बाहर से ही दुकानों के नाम इन बोर्ड पर पढ़कर लिस्ट बना रही थीं, जिसके बाद दुकानदारों ने सभी बोर्ड से फ्लेक्स फाड़कर हटा दिए। बैठक में आए व्यापारियों ने आक्रोशित होकर कहा कि एडीए के अधिकारी अगर दुकान में जबरन घुसेंगे तो उनसे हर हाल में निपटेंगे। व्यापारियों ने सर्वे को रोकने की मांग की।