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‘कैलाशा’ के सुरों की कु ड़ियां हो गईं ‘दीवानी’
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Thu, 19 Feb 2015 01:54 AM IST
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शब्द दिल में उतर रहे थे तो सुर अपना जादू चला रहे थे। संगीत कभी आध्यात्म की ओर खींच ले जाता तो कभी रोमांस की ओर। सुरों ने कभी इश्क की मिठास दी तो कभी बम लहरी से जोश जगाया। ताज महोत्सव में ये जादू था ‘कैलाशा’ यानी कैलाश खेर का। शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर कैलाशा के सुरों की कुड़ियां दीवानी हुई हीं, बच्चों से लेकर बड़े तक मस्त हो गए।
यश भारती से सम्मानित प्रसिद्ध पार्श्व गायक कैलाश खेर ने हजारों लोगों पर आवाज का जादू चलाया। शुरुआत मोहे पिया मिलन की आस गीत से की। रांझा, रांझा करती, आओ री गीत गाए। मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया और तेरे नाम से जी लूं, तेरे नाम से मर जाऊं गीतों पर युवा थिरकने और झूमने लगे। कैलाशा ने जोवन छलके और ढोल बजदा गीतों पर युवतियों को बुलाकर साथ डांस किया। कई युवतियां मंच से नहीं उतरीं तो कैलाश ने तल्ख शब्दों से उन्हें मंच से नीचे उतारा। जोश और मस्ती में डूबे हजारों दर्शकों को कैलाश खेर ने बगड़ बम, बम लहरी गीत सुनाकर विदा ली।
‘ताज महोत्सव में गाना मेरी चाहत’
कैलाश खेर ने कहा महोत्सव में प्रस्तुति देना उनकी चाहत रही है। यशभारती सम्मान मिला तब पता चला कि महोत्सव में गाना है। यह उनके लिए सरप्राइज था। दुनिया अब हमारे देश का लोहा मान रही है। देश में टेलेंट की कमी नहीं है, बस निखारने की जरूरत है। शिवरात्रि पर बम लहरी गीत के छाए रहने पर कैलाश खेर ने कहा कि शिवरात्रि पर वह खुद एक सप्ताह तक भोले की भक्ति के नशे में रहते हैं।
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‘आगरा का पानी सुधार दो भाई’
ताज महोत्सव में चार बार प्रस्तुति देने आगरा आ चुके गायक कैलाश खेर ने कहा कि आगरा का पानी बेहद खराब है। मुंबई जाता हूं तो आगरा का पानी याद रहता है। बाल धोऐ तो लकड़ी की तरह खड़े हो गए मानो फेविकोल से चिपका दिए हों।
गाड़ी टच होते ही भिड़ जाते हैं लोग
कैलाश खेर ने हर गीत के बाद आगरा से जुड़ी बातों को शेयर किया। कैलाश ने कहा कि मेरठ में उनका जन्म हुआ तो वो भी यूपी के हैं, लेकिन आगरा कुछ खास है। मुहब्बत का शहर है, लेकिन गाड़ी टच हो जाए तो लोग भिड़ जाते हैं। शिल्पग्राम पहले से बदल चुका है। अब व्यवस्थाएं ज्यादा अच्छी हैं।
क्लीन इंडिया मुहिम में साथ दें लोग
कैलाश खेर ने गीतों के बीच में सफाई अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें नामित किया है तो जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं। स्वच्छ रहेंगे तो स्वस्थ रहेंगे। आगरा पहले से उन्हें साफ लगा है, इसलिए लोग सफाई की आदत डालें। ‘साहब’ लोगों के साथ जनता की भागीदारी जरूरी है।
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यश भारती से सम्मानित प्रसिद्ध पार्श्व गायक कैलाश खेर ने हजारों लोगों पर आवाज का जादू चलाया। शुरुआत मोहे पिया मिलन की आस गीत से की। रांझा, रांझा करती, आओ री गीत गाए। मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया और तेरे नाम से जी लूं, तेरे नाम से मर जाऊं गीतों पर युवा थिरकने और झूमने लगे। कैलाशा ने जोवन छलके और ढोल बजदा गीतों पर युवतियों को बुलाकर साथ डांस किया। कई युवतियां मंच से नहीं उतरीं तो कैलाश ने तल्ख शब्दों से उन्हें मंच से नीचे उतारा। जोश और मस्ती में डूबे हजारों दर्शकों को कैलाश खेर ने बगड़ बम, बम लहरी गीत सुनाकर विदा ली।
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‘ताज महोत्सव में गाना मेरी चाहत’
कैलाश खेर ने कहा महोत्सव में प्रस्तुति देना उनकी चाहत रही है। यशभारती सम्मान मिला तब पता चला कि महोत्सव में गाना है। यह उनके लिए सरप्राइज था। दुनिया अब हमारे देश का लोहा मान रही है। देश में टेलेंट की कमी नहीं है, बस निखारने की जरूरत है। शिवरात्रि पर बम लहरी गीत के छाए रहने पर कैलाश खेर ने कहा कि शिवरात्रि पर वह खुद एक सप्ताह तक भोले की भक्ति के नशे में रहते हैं।
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‘आगरा का पानी सुधार दो भाई’
ताज महोत्सव में चार बार प्रस्तुति देने आगरा आ चुके गायक कैलाश खेर ने कहा कि आगरा का पानी बेहद खराब है। मुंबई जाता हूं तो आगरा का पानी याद रहता है। बाल धोऐ तो लकड़ी की तरह खड़े हो गए मानो फेविकोल से चिपका दिए हों।
गाड़ी टच होते ही भिड़ जाते हैं लोग
कैलाश खेर ने हर गीत के बाद आगरा से जुड़ी बातों को शेयर किया। कैलाश ने कहा कि मेरठ में उनका जन्म हुआ तो वो भी यूपी के हैं, लेकिन आगरा कुछ खास है। मुहब्बत का शहर है, लेकिन गाड़ी टच हो जाए तो लोग भिड़ जाते हैं। शिल्पग्राम पहले से बदल चुका है। अब व्यवस्थाएं ज्यादा अच्छी हैं।
क्लीन इंडिया मुहिम में साथ दें लोग
कैलाश खेर ने गीतों के बीच में सफाई अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें नामित किया है तो जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं। स्वच्छ रहेंगे तो स्वस्थ रहेंगे। आगरा पहले से उन्हें साफ लगा है, इसलिए लोग सफाई की आदत डालें। ‘साहब’ लोगों के साथ जनता की भागीदारी जरूरी है।