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ताज महोत्सव में बिखरेंगे संस्कृति के रंग ताज के संग, सियाराम की धुन से हुआ शुभारंभ
Wed, 19 Feb 2020 01:24 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 19 Feb 2020 01:24 AM IST
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ताज महोत्सव 2020
- फोटो : Amar Ujala
आगरा में 'संस्कृति के रंग ताज के संग' थीम पर मंगलवार से ताज महोत्सव का आगाज हो गया। यह 27 फरवरी तक चलेगा। शिल्पग्राम, सदर बाजार और सूरसदन में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। महोत्सव का उद्घाटन सियाराम की धुन के साथ हुआ।
मंडलायुक्त अनिल कुमार ने बताया कि ताज महोत्सव के लिए शहरवासियों से मिली कई थीम में से मेधा शर्मा की संस्कृति के रंग ताज के संग को चुना गया। इस थीम पर एक गीत की रचना भी की गई है जिसे साहित्यकार डॉ. अमी आधार निडर ने लिखा है और संगीत संयोजन संगीतकार पंडित केशव तलेगांवकर ने किया है। उद्घाटन के मौके पर यह थीम प्रस्तुत की गई।
1992 में शुरु हुए ताज महोत्सव का यह 29 वां संस्करण है, जिस पर 2.75 करोड़ रुपये व्यय का अनुमान है। इनमें से 20 लाख राज्य पर्यटन, 10 लाख केंद्रीय पर्यटन विभाग से मिले हैं। इसके अलावा बैंक और संस्थाओं का सहयोग है।
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मंडलायुक्त अनिल कुमार ने बताया कि ताज महोत्सव के लिए शहरवासियों से मिली कई थीम में से मेधा शर्मा की संस्कृति के रंग ताज के संग को चुना गया। इस थीम पर एक गीत की रचना भी की गई है जिसे साहित्यकार डॉ. अमी आधार निडर ने लिखा है और संगीत संयोजन संगीतकार पंडित केशव तलेगांवकर ने किया है। उद्घाटन के मौके पर यह थीम प्रस्तुत की गई।
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1992 में शुरु हुए ताज महोत्सव का यह 29 वां संस्करण है, जिस पर 2.75 करोड़ रुपये व्यय का अनुमान है। इनमें से 20 लाख राज्य पर्यटन, 10 लाख केंद्रीय पर्यटन विभाग से मिले हैं। इसके अलावा बैंक और संस्थाओं का सहयोग है।
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बांसुरी वादन और ब्रज के लोकगीतों की रहेगी धूम
ताज महोत्सव में ब्रज के लोकगीतों और बांसुरी वादन की धूम रहेगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारतीय संगीत एवं नृत्य की विभिन्न विधाओं का समावेश किया गया है। इसमें कथक, भरतनाट्यम, भोजपुरी गायन, अवधी गायन, कव्वाली, तबला वादन, पखावज वादन, सितार वादन शामिल हैं।
पहली बार शिव पर आधारित नाटिका
यह पहला मौका है जब ताज महोत्सव में भगवान शिव पर आधार गंगा अवतरण नृत्य नाटिका होगी। इसका आयोजन शिव रात्रि पर 21 फरवरी को होगा।
भगवान राम पर आधारित नृत्य नाटिका भी रखी गई है। इस बार केंद्र सरकार की ओर से एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश के लोक संस्कृति एवं व्यंजन के प्रदर्शन के लिए विशेष दल भेजा गया है।
पहली बार शिव पर आधारित नाटिका
यह पहला मौका है जब ताज महोत्सव में भगवान शिव पर आधार गंगा अवतरण नृत्य नाटिका होगी। इसका आयोजन शिव रात्रि पर 21 फरवरी को होगा।
भगवान राम पर आधारित नृत्य नाटिका भी रखी गई है। इस बार केंद्र सरकार की ओर से एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश के लोक संस्कृति एवं व्यंजन के प्रदर्शन के लिए विशेष दल भेजा गया है।