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ताजमहल पर रहेगा तालाः स्मारक न खुलने से चार लाख लोगों की उम्मीदों पर फिरा पानी
Mon, 06 Jul 2020 12:15 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 06 Jul 2020 12:15 AM IST
सार
- संक्रमण का खतरा है, इसलिए बंद रखा ताज
- शहर में 71 कंटेनमेंट जोन
- डूबा 60 फीसदी कारोबार
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजमहल, लालकिला, फतेहपुर सीकरी और अन्य स्मारकों के न खुलने से चार लाख लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इन लोगों का रोजगार सीधे तौर पर पर्यटन से जुड़ा है। 111 दिन से स्मारकों के बंद रहने के कारण इनके सामने आर्थिक संकट है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल की दो जुलाई की घोषणा से इनकी उम्मीद जग गई थी लेकिन ऐन वक्त पर निराशा मिली।
यातायात के बिना पर्यटकों की राह आसान नहीं
जब तक रेल, हवाई और बस यातायात पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाता, तब तक पर्यटकों के आने की राह आसान नहीं होगी। ताजमहल के खोले जाने को लेकर सतर्कता और सुरक्षा के उपाय बेहद जरूरी है। जब हालात सामान्य हो तभी खोला जाना बेहतर रहेगा- प्रह्लाद अग्रवाल अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर
ये भी पढ़ें: ताजमहल का दीदार करने के लिए करना होगा अभी और इंतजार, इस कारण नहीं खुलेंगे स्मारक
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संक्रमण का खतरा है, इसलिए बंद रखा ताज
डीएम ने बताया कि आगरा में चार दिन में 55 कोरोना संक्रमित मिले हैं। शहर में 71 कंटेनमेंट जोन हैं। ताजमहल ताजगंज क्षेत्र में आता है जो कि कंटेनमेंट और बफर जोन के दायरे में है। इसी तरह सिकंदरा, आगरा किला, एत्माद्दौला, फतेहपुर सीकरी बफर जोन का हिस्सा माना जाएगा। इन स्मारकों को खोलने पर संक्रमण फैलने का खतरा है।
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यातायात के बिना पर्यटकों की राह आसान नहीं
जब तक रेल, हवाई और बस यातायात पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाता, तब तक पर्यटकों के आने की राह आसान नहीं होगी। ताजमहल के खोले जाने को लेकर सतर्कता और सुरक्षा के उपाय बेहद जरूरी है। जब हालात सामान्य हो तभी खोला जाना बेहतर रहेगा- प्रह्लाद अग्रवाल अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर
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ये भी पढ़ें: ताजमहल का दीदार करने के लिए करना होगा अभी और इंतजार, इस कारण नहीं खुलेंगे स्मारक
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संक्रमण का खतरा है, इसलिए बंद रखा ताज
डीएम ने बताया कि आगरा में चार दिन में 55 कोरोना संक्रमित मिले हैं। शहर में 71 कंटेनमेंट जोन हैं। ताजमहल ताजगंज क्षेत्र में आता है जो कि कंटेनमेंट और बफर जोन के दायरे में है। इसी तरह सिकंदरा, आगरा किला, एत्माद्दौला, फतेहपुर सीकरी बफर जोन का हिस्सा माना जाएगा। इन स्मारकों को खोलने पर संक्रमण फैलने का खतरा है।
ताज का ना खुलना दुर्भाग्यपूर्ण
ताजमहल का ना खुलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने अपने होटलों में सभी तैयारियां कर लीं थीं, ताजमहल के खुलने के बाद जो घरेलू सैलानी आ सकते थे वह नहीं आ पाएंगे। संभव है कि कुछ दिनों के बाद हालात में सुधार हो और तब ताजमहल खोलें - हरि सुकुमार अध्यक्ष, टूरिज्म गिल्ड
कुछ दिन इंतजार और सही
ताजमहल को खोलने से देश और दुनिया में एक अच्छा संदेश जाता कि आगरा पर्यटकों के लिए सुरक्षित है, लेकिन प्रशासन ने फैसला किया है तो सोच-समझ कर ही लिया होगा। कुछ दिन का इंतजार और सही - रमेश वाधवा अध्यक्ष, एचआरओए
अपनी सुरक्षा की पहले फिक्र
पर्यटक अभी घूमने से ज्यादा अपनी सुरक्षा की चिंता कर रहे हैं। इसलिए ताजमहल को खोले जाने का कोई फायदा नहीं होता। संक्रमण जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे बाहर से आने वाले लोगों से आगरा में संक्रमण और फैलता। यह ठीक कदम है - राकेश चौहान अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
ताजमहल का ना खुलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने अपने होटलों में सभी तैयारियां कर लीं थीं, ताजमहल के खुलने के बाद जो घरेलू सैलानी आ सकते थे वह नहीं आ पाएंगे। संभव है कि कुछ दिनों के बाद हालात में सुधार हो और तब ताजमहल खोलें - हरि सुकुमार अध्यक्ष, टूरिज्म गिल्ड
कुछ दिन इंतजार और सही
ताजमहल को खोलने से देश और दुनिया में एक अच्छा संदेश जाता कि आगरा पर्यटकों के लिए सुरक्षित है, लेकिन प्रशासन ने फैसला किया है तो सोच-समझ कर ही लिया होगा। कुछ दिन का इंतजार और सही - रमेश वाधवा अध्यक्ष, एचआरओए
अपनी सुरक्षा की पहले फिक्र
पर्यटक अभी घूमने से ज्यादा अपनी सुरक्षा की चिंता कर रहे हैं। इसलिए ताजमहल को खोले जाने का कोई फायदा नहीं होता। संक्रमण जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे बाहर से आने वाले लोगों से आगरा में संक्रमण और फैलता। यह ठीक कदम है - राकेश चौहान अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
डूबा 60 फीसदी कारोबार
पेठा कारोबारियों की उम्मीदें धराशायी हो गई हैं। स्मारक न खुलने से हमारा करीब 60 फीसदी कारोबार पहले ही डूब गया है। इससे कुम्हड़ा फल की खेती करने वाले किसानों को भी झटका लगा है। - राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन।
टूर एंड ट्रैवल कंपनियों को नुकसान
ये फैसला आगरा की टूर एंड ट्रैवल कंपनियों को नुकसान पहुंचाने वाला है। आशा थी कि रविवार को स्मारक खुल जाएंगे। पर्यटकों के लिए प्रयोग में आनी वाली बसों के पहिए फिर घूमने लगेंगे। - हाकिम सिंह, अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
सुधारें मेडिकल सिस्टम
फतेहाबाद रोड पर छोटे बडे़ करीब 150 रेस्टोरेंट हैं। जो ताजमहल पर निर्भर हैं। इनका कारोबार लगभग चौपट हो गया है। प्रशासन को अपना मेडिकल सिस्टम सुधारना चाहिए न कि कारोबार पर प्रहार करना चाहिए। - मनप्रीत सिंह, रेस्टोरेंट संचालक
4000 गाइड को झटका
फैसले ने 4000 गाइड को झटका दिया है। स्मारक खुलने से देश दुनिया में अच्छा संदेश दिया जा सकता था। राजस्थान का पर्यटन खोला जा चुका है। फिर यहां ऐसी क्या परेशानी आ रही है। - शमशुद्दीन खान, अप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन
पेठा कारोबारियों की उम्मीदें धराशायी हो गई हैं। स्मारक न खुलने से हमारा करीब 60 फीसदी कारोबार पहले ही डूब गया है। इससे कुम्हड़ा फल की खेती करने वाले किसानों को भी झटका लगा है। - राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन।
टूर एंड ट्रैवल कंपनियों को नुकसान
ये फैसला आगरा की टूर एंड ट्रैवल कंपनियों को नुकसान पहुंचाने वाला है। आशा थी कि रविवार को स्मारक खुल जाएंगे। पर्यटकों के लिए प्रयोग में आनी वाली बसों के पहिए फिर घूमने लगेंगे। - हाकिम सिंह, अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
सुधारें मेडिकल सिस्टम
फतेहाबाद रोड पर छोटे बडे़ करीब 150 रेस्टोरेंट हैं। जो ताजमहल पर निर्भर हैं। इनका कारोबार लगभग चौपट हो गया है। प्रशासन को अपना मेडिकल सिस्टम सुधारना चाहिए न कि कारोबार पर प्रहार करना चाहिए। - मनप्रीत सिंह, रेस्टोरेंट संचालक
4000 गाइड को झटका
फैसले ने 4000 गाइड को झटका दिया है। स्मारक खुलने से देश दुनिया में अच्छा संदेश दिया जा सकता था। राजस्थान का पर्यटन खोला जा चुका है। फिर यहां ऐसी क्या परेशानी आ रही है। - शमशुद्दीन खान, अप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन
फतेहपुर सीकरी में भी मायूसी
लॉकडाउन के कारण 111 दिनों से बंद स्मारक के न खुलने से लोगों में निराशा है। रविवार को पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने जोधाबाई बुकिंग विंडो, वीआईपी, दीवाने आम बुकिंग विंडो पर सैनिटाइजर, मास्क आदि की व्यवस्थाएं कीं लेकिन शाम को पता चला कि प्रशासन ने स्मारक खोले जाने की अनुमति नहीं दी है।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के गाइड योगेश शर्मा, आदित्य फौजदार ने बताया कि सभी गाइड बेरोजगार हो गए हैं। रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। दुकानदार मेहराज कुरैशी, जगदीश कुमार, राशिद कुरैशी, इमामुद्दीन, गब्बर कुरैशी ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से ही शॉपिंग कॉम्पलेक्स में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्मारक नहीं खुलने से परेशानी और बढ़ेगी।
लॉकडाउन के कारण 111 दिनों से बंद स्मारक के न खुलने से लोगों में निराशा है। रविवार को पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने जोधाबाई बुकिंग विंडो, वीआईपी, दीवाने आम बुकिंग विंडो पर सैनिटाइजर, मास्क आदि की व्यवस्थाएं कीं लेकिन शाम को पता चला कि प्रशासन ने स्मारक खोले जाने की अनुमति नहीं दी है।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के गाइड योगेश शर्मा, आदित्य फौजदार ने बताया कि सभी गाइड बेरोजगार हो गए हैं। रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। दुकानदार मेहराज कुरैशी, जगदीश कुमार, राशिद कुरैशी, इमामुद्दीन, गब्बर कुरैशी ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से ही शॉपिंग कॉम्पलेक्स में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्मारक नहीं खुलने से परेशानी और बढ़ेगी।