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उत्पाती बंदरों की आई शामत: ताज पर लगाए गए पिंजरे, मथुरा से टीम बुलाई; 12 घंटे में 144 हुए कैद

Sun, 28 May 2023 09:46 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 28 May 2023 09:46 AM IST
सार

ताजमहल पर पर्यटकों को आए दिन बंदर काट रहे हैं। ऐसे उत्पाती बंदरों को पकड़ने के  लिए अब कवायद शुरू हो गई है। यहां लगाए गए पिंजरे में 12 घंटे में 144 बंदर पकड़े गए।
 

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taj mahal monkeys are being imprisoned in the cage in agra
ताजमहल पर पिंजरे में कैद हुए बंदर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताजमहल पर बंदर पकड़ने की कवायद शुरू हो गई है। नगर निगम ने मथुरा से टीम बुलाई है। शनिवार को चार पिंजरे लगाए। 12 घंटे में 144 बंदर पकड़े गए।
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नगर निगम के 100 वार्डों में 10 हजार बंदर हैं। ये आंकड़ें छह साल पुराने हैं। वहीं, लाेगाें का मानना है कि शहर में बंदरों की संख्या 25 हजार से अधिक है। कलक्ट्रेट, जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन से लेकर स्मारक तक बंदरों से अछूता नहीं है। शनिवार को नगर निगम ने अभियान चलाया। पश्चिमी गेट से लेकर शिल्पग्राम तक पिंजरे लगाए। रहीसस मेकॉक प्रजाति के 144 बंदर पकड़े गए। पश्चिमी गेट पर नीम तिराहा से लेकर शाहजहां गार्डन व शीशमहल पार्क में सबसे ज्यादा बंदर हैं।

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स्मारक को पहुंचा रहे नुकसान

ताजमहल में बंदरों की उछलकूद से संरक्षित स्मारक को नुकसान पहुंच रहा है। बुर्ज के छज्जों से बंदर लटक जाते हैं। कई जगह पत्थर व बुर्जियों को नुकसान पहुंचा है। सिकंदरा स्मारक में भी बंदर नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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नसबंदी के लिए नहीं विशेषज्ञ

बंदरों को पकड़ कर किसी वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। बंदरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी ही विकल्प है, लेकिन नगर निगम से लेकर पशु पालन विभाग तक बंदरों की नसबंदी के लिए विशेषज्ञ शल्य चिकित्सक नहीं।

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शिकायत पर कार्रवाई

नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि बंदर काटने की शिकायतें अधिक मिलने पर ताजमहल के आस-पास कार्रवाई की गई है। मथुरा से टीम आई है, जो बंदर पकड़ रही है।
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