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स्वरूपानंद बोले, राममंदिर को लेकर छलावा कर रही केंद्र सरकार
Sun, 30 Jun 2019 02:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, ग्वालियर
अमर उजाला ब्यूरो, ग्वालियर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 30 Jun 2019 02:02 AM IST
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स्वरूपानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
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ज्योतिषपीठ एवं शारदा पीठ द्वारका के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि राम मंदिर को लेकर केन्द्र सरकार लोगों के साथ छलावा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं के साथ ही मुस्लिमों को भी एक ही विवाह के लिए कानून बनाया जाना चाहिए जिससे मुसलमानों में तीन तलाक जैसी बुराई की नौबत ही नहीं आ सके।
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स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती शनिवार को यहां पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। स्वामी जी ने कहा कि वह तो चुनावों के पूर्व ही राम मंदिर के शिलान्यास के लिये अयोध्या जा रहे थे। लेकिन उस समय अचानक पुलवामा में बड़ी घटना घट गई और उन्होंने अपना राम मंदिर शिलान्यास का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
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स्वामी जी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस ने जो बाबरी के नाम पर ढांचा तोड़ा था वह तो वास्तविकता में राम मंदिर का ही हिस्सा था। वहां पर तो कोई मस्जिद थी ही नहीं। उ
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न्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बने इसके लिये वह स्वयं भी प्रयासरत हैं और उन्होंने न्यायालय सहित हाल ही में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित की गई तीन सदस्यीय समिति के सामने अपना पूरा ठोस पक्ष रख दिया है अब अंतिम फैसला न्यायालय को लेना है।
स्वामीजी ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा तो रामानंद सागर द्वारा प्रस्तुत किये गये धारावाहिक के बाद से ज्यादा जागा इसमें आरएसएस ने कोई विराट आंदोलन नहीं किया।
उन्होने आरएसएस प्रमुख पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह तो भगवान राम को एक महापुरूष मानते हैं हाल ही में उन्होंने ऐसा ही बयान एक साक्षात्कार में दिया है इसीलिए वह तो उनके स्मारक के पक्ष में ज्यादा है ना कि मंदिर के । उन्होंने कहा कि उन्होंने 1983 से श्री राम जन्म भूमि के लिए आंदोलन चलाया।