किशनी।
किशनी में साईंधाम के अधिष्ठाता, राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के नायक रहे स्वामी अनंतानंद मंगलवार की सुबह तीन बजे हृदयघात से ब्रह्मलीन हो गए। कस्बा में लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कन्नौज जनपद के गांव गदनपुर तुर्रा निवासी सूर्यवंश चतुर्वेदी के सबसे बड़े पुत्र अनिल कुमार 90 के दशक में किशनी आए थे। उनकी मुलाकात सेठ रामशरण गुप्ता से हुई। यहीं से उन्होंने रामजन्म भूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़कर क्षेत्र में गांव गांव प्रवास करके जन जागरण, सत्याग्रह, जेल यात्रा, कारसेवा में शामिल रहे। बाद में किशनी के सोहम आश्रम से जुड़ गए। स्वामी सदानंद महाराज ने ही उनको अनंतानन्द महाराज का नाम दिया।
उन्होंने किशनी में साईं मंदिर की स्थापना की जो आज साईं धाम बन गया है। दोपहर बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। देर शाम साईं मंदिर परिसर में समाधि दी गई। अनिल गुरु, सर्वेशानंद महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान, चेयरमैन अनिल मिश्रा, प्रेमसिंह शाक्य, अनुराग पांडेय, विनोद गुप्ता, रामनरेश गुप्ता, मुनींद्र सिंह, अरविंद गुप्ता, पूर्व चेयरमैन जैसीराम यादव, सरला चौहान मौजूद रहे।