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Chandra Grahan 2026: बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट, गर्भवती करें ये काम; जान लें कब से शुरू होगा सूतक काल
Tue, 03 Mar 2026 04:44 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Tue, 03 Mar 2026 04:44 AM IST
सार
चंद्रग्रहण के चलते मंगलवार को मंदिरों के पट बंद रहेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट रहेगी। इससे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाएगा। इस दाैरान गर्भवती महिलाओं को खासा ध्यान रखने की जरूरत है।
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चंद्रग्रहण
विस्तार
होली से पहले मंगलवार को चंद्र ग्रहण रहेगा। इस वजह से होली से जुड़ा कोई कार्य नहीं होगा। मंदिरों के भी कपाट बंद रहेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूतक काल सुबह 6:20 से आरंभ होगा। ग्रहण का स्पर्श अपराह्न 03:20 बजे होगा और मोक्ष शाम 06:47 बजे है। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट रहेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुभाष शास्त्री ने बताया कि चंद्र ग्रहण से पहले तीन पहर (9 घंटे) तक भोजन का त्याग करना चाहिए। इसका पालन करना शुभ माना जाता है। बालक, वृद्ध और रोगियों को इस नियम में छूट दी गई है। ग्रहण की विकिरणों से रक्षा के लिए भोज्य पदार्थों में कुशा या तुलसी दल अवश्य डालें।
विशेषकर गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल में घर के भीतर रहकर भजन करना चाहिए, जिससे गर्भस्थ शिशु पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। सामर्थ्य अनुसार श्वेत वस्तुओं जैसे चावल, दुग्ध तथा चांदी का दान करें। ग्रहण समाप्ति के बाद बिना स्नान किए न तो कोई नित्य कर्म करें और न ही देव-पूजा। स्नान के पश्चात ही शरीर एवं मन की पूर्ण शुद्धि मानी जाती है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित सुभाष शास्त्री ने बताया कि चंद्र ग्रहण से पहले तीन पहर (9 घंटे) तक भोजन का त्याग करना चाहिए। इसका पालन करना शुभ माना जाता है। बालक, वृद्ध और रोगियों को इस नियम में छूट दी गई है। ग्रहण की विकिरणों से रक्षा के लिए भोज्य पदार्थों में कुशा या तुलसी दल अवश्य डालें।
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विशेषकर गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल में घर के भीतर रहकर भजन करना चाहिए, जिससे गर्भस्थ शिशु पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। सामर्थ्य अनुसार श्वेत वस्तुओं जैसे चावल, दुग्ध तथा चांदी का दान करें। ग्रहण समाप्ति के बाद बिना स्नान किए न तो कोई नित्य कर्म करें और न ही देव-पूजा। स्नान के पश्चात ही शरीर एवं मन की पूर्ण शुद्धि मानी जाती है।
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