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जिले में लागू की गई ई-गन्ना प्रणाली
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ेकासगंज। गन्ना खरीद में पारदर्शिता लाने और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने के लिए जिले में ई-गन्ना प्रणाली लागू की गई है। किसान अब ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर दावे आपत्ति भेज सकते हैं।
गन्ना खरीद में बिचौलियों की बड़ी भूमिका रहती है। जिले में कराई गई जांच में एक बड़े क्षेत्रफल में बिचौलियों ने बिना व्यवस्था के गन्ना तैयार किया। इसकी बिक्री भी जालसाजी कर की गई। इस तरह का मामला सामने आने पर विभाग फर्जी रकबे का गन्ना निरस्त कर बिचौलियों की पर्चियां निरस्त कर चुका है। इस बीच शासन ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जिले में ई-गन्ना प्रणाली लागू कर दी है। जिले के सभी पंजीकृत किसानों का डाटा ऑनलाइन कर दिया है। इसके अलावा विभाग ने ऑनलाइन दावे आपत्ति भी मांगे हैं। विभाग की ई-गन्ना प्रणाली से निश्चित गन्ना खरीद में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगेगा। इस प्रणाली से किसानों को बड़ी राहत मिल सकेगी। विभाग ने इसके लिए डब्लूडब्लूडॉटयूपीकेनडॉटजीओवीडॉटइन वेबसाइट जारी कर दी है।
ऐसे करें प्रणाली का उपयोग-
- सर्वप्रथम विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
- ई गन्ना प्रणाली पर क्लिक करें।
- जिला फैक्ट्री और गांव का नाम चयन कर जानकारी प्राप्त करें।
यहा होगा लाभ-
- फर्जी सट्टा और अनुचित पर्चियों पर लगेगी रोक।
- किसानों को ऑनलाइन पर्ची मिल सकेगी।
- निर्धारित समय अवधि में हो सकेगी गन्ना तौल।
- ई गन्ना प्रणाली लागू कर बिचौलियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है। किसान ऑनलाइन दावे आपत्ति दर्ज करा सकते हैं- ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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आकंड़े-
- 7276 किसान किए गए हैं पंजीकृत।
- 7900 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हो रही गन्ने की पैदावार।
- 11752 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पिछले वर्ष पैदा हुआ था गन्ना।
- 2152 हेक्टेयर क्षेत्रफल की गन्ना खरीद इस बार की गई निरस्त।
- 400 से अधिक गन्ना माफिया हुए चिह्नित, उसके बाद व्यवस्था लागू।
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गन्ना खरीद में बिचौलियों की बड़ी भूमिका रहती है। जिले में कराई गई जांच में एक बड़े क्षेत्रफल में बिचौलियों ने बिना व्यवस्था के गन्ना तैयार किया। इसकी बिक्री भी जालसाजी कर की गई। इस तरह का मामला सामने आने पर विभाग फर्जी रकबे का गन्ना निरस्त कर बिचौलियों की पर्चियां निरस्त कर चुका है। इस बीच शासन ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जिले में ई-गन्ना प्रणाली लागू कर दी है। जिले के सभी पंजीकृत किसानों का डाटा ऑनलाइन कर दिया है। इसके अलावा विभाग ने ऑनलाइन दावे आपत्ति भी मांगे हैं। विभाग की ई-गन्ना प्रणाली से निश्चित गन्ना खरीद में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगेगा। इस प्रणाली से किसानों को बड़ी राहत मिल सकेगी। विभाग ने इसके लिए डब्लूडब्लूडॉटयूपीकेनडॉटजीओवीडॉटइन वेबसाइट जारी कर दी है।
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ऐसे करें प्रणाली का उपयोग-
- सर्वप्रथम विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
- ई गन्ना प्रणाली पर क्लिक करें।
- जिला फैक्ट्री और गांव का नाम चयन कर जानकारी प्राप्त करें।
यहा होगा लाभ-
- फर्जी सट्टा और अनुचित पर्चियों पर लगेगी रोक।
- किसानों को ऑनलाइन पर्ची मिल सकेगी।
- निर्धारित समय अवधि में हो सकेगी गन्ना तौल।
- ई गन्ना प्रणाली लागू कर बिचौलियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है। किसान ऑनलाइन दावे आपत्ति दर्ज करा सकते हैं- ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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आकंड़े-
- 7276 किसान किए गए हैं पंजीकृत।
- 7900 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हो रही गन्ने की पैदावार।
- 11752 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पिछले वर्ष पैदा हुआ था गन्ना।
- 2152 हेक्टेयर क्षेत्रफल की गन्ना खरीद इस बार की गई निरस्त।
- 400 से अधिक गन्ना माफिया हुए चिह्नित, उसके बाद व्यवस्था लागू।