{"_id":"624b397c75e7cf2166549ccb","slug":"substandard-found-in-14-samples-of-food-items-mainpuri-news-agr529227210","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्य पदार्थों के 14 नमूने फेल, 10 विक्रेताओं पर मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्य पदार्थों के 14 नमूने फेल, 10 विक्रेताओं पर मुकदमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। खाद्य पदार्थों के 14 नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इनमें से कुछ नमूनों में मिलावट की गई थी तो वहीं कुछ में मिथ्याछाप (मिसब्रांड) की गई थी। जांच रिपोर्ट आने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दस विक्रेताओं के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा बीते कुछ महीनों में खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट आई तो 14 नमूने फेल हो गए। इसमें से आठ नमूने जहां मिसब्रांड पाए गए तो वहीं छह में मिलावट की गई थी। मिलावट अधोमानक स्तर की होने के चलते खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दस विक्रेताओं के खिलाफ 14 मुकदमे दायर किए गए हैं। इसमें एक ही विक्रेता के एक से अधिक नमूने फेल होने पर अलग-अलग मुकदमे दायर किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी द्वारा सुनवाई के बाद मामले में निर्णय सुनाया जाएगा।
तीन श्रेणियों में रखे जाते हैं फेल नमूने
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में फेल होने वाले नमूनों को तीन श्रेणियों में रखा जाता है। ऐसे नमूने जिनमें मिलावट भी है और वह मानव शरीर के लिए हानिकारक है। वे नमूने हानिकारक की श्रेणी में रखे जाते हैं। इनमें एसीजेएम न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया जाता है। दूसरी श्रेणी में उन नमूनों को रखा जाता है, जिनमेें मिलावट तो होती है लेकिन मानव शरीर को हानि नहीं होती है। तीसरी श्रेणी में वे नमूने रखे जाते हैं जिनकी पैकिंग में दर्ज जानकारी नियमानुसार नहीं होती है। इन दोनों श्रेणियों के लिए अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किया जाता है।
विज्ञापन
इनमें मिलावट पायी गई
-प्रवीन गुप्ता कुरावली, बूंदी का लड्डू, दूसरे घी में निर्मित।
-रजत गुप्ता झम्मनलाल मंडी, बेसन, मटर के आटे की मिलावट।
-मनोज कुमार कुरावली, कोल्ड्रिंक तीन नमूने, फ्रू्ट पल्प की कमी।
-कमलेश कुमार अवंतीनगर भोगांव, केक, फैट की कमी।
-भूपेंद्र कुमार बेवर, पूजा की घी, फैट की कमी।
-उदित कुमार राधारमन रोड, पनीर, फैट की कमी।
यह नमूने मिसब्रांड मिले
-मुईन खां, भोगांव, टॉफी, मिसब्रांड।
-अजय कुमार झम्मनलाल मंडी, पास्ता, मिसब्रांड।
-विनोद कुमार झम्मनलाल मंडी, सरसों तेल, मिसब्रांड।
-विनोद कुमार झम्मनलाल मंडी, बिस्किट, मिसब्रांड।
-अक्षय शुक्ला सौतियाना, बिस्किट, दो नमूने मिसब्रांड।
जांच रिपोर्ट में कुल 14 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए गए थे। इसमें कुछ मिसब्रांड तो कुछ अधोमानक थे। ये नमूने दस विक्रेताओं से लिए गए थे, उनके विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किया गया है।
-डॉ. टीआर रावत, सहायक आयुक्त (खाद्य)।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा बीते कुछ महीनों में खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट आई तो 14 नमूने फेल हो गए। इसमें से आठ नमूने जहां मिसब्रांड पाए गए तो वहीं छह में मिलावट की गई थी। मिलावट अधोमानक स्तर की होने के चलते खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दस विक्रेताओं के खिलाफ 14 मुकदमे दायर किए गए हैं। इसमें एक ही विक्रेता के एक से अधिक नमूने फेल होने पर अलग-अलग मुकदमे दायर किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी द्वारा सुनवाई के बाद मामले में निर्णय सुनाया जाएगा।
विज्ञापन
तीन श्रेणियों में रखे जाते हैं फेल नमूने
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में फेल होने वाले नमूनों को तीन श्रेणियों में रखा जाता है। ऐसे नमूने जिनमें मिलावट भी है और वह मानव शरीर के लिए हानिकारक है। वे नमूने हानिकारक की श्रेणी में रखे जाते हैं। इनमें एसीजेएम न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया जाता है। दूसरी श्रेणी में उन नमूनों को रखा जाता है, जिनमेें मिलावट तो होती है लेकिन मानव शरीर को हानि नहीं होती है। तीसरी श्रेणी में वे नमूने रखे जाते हैं जिनकी पैकिंग में दर्ज जानकारी नियमानुसार नहीं होती है। इन दोनों श्रेणियों के लिए अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किया जाता है।
विज्ञापन
इनमें मिलावट पायी गई
-प्रवीन गुप्ता कुरावली, बूंदी का लड्डू, दूसरे घी में निर्मित।
-रजत गुप्ता झम्मनलाल मंडी, बेसन, मटर के आटे की मिलावट।
-मनोज कुमार कुरावली, कोल्ड्रिंक तीन नमूने, फ्रू्ट पल्प की कमी।
-कमलेश कुमार अवंतीनगर भोगांव, केक, फैट की कमी।
-भूपेंद्र कुमार बेवर, पूजा की घी, फैट की कमी।
-उदित कुमार राधारमन रोड, पनीर, फैट की कमी।
यह नमूने मिसब्रांड मिले
-मुईन खां, भोगांव, टॉफी, मिसब्रांड।
-अजय कुमार झम्मनलाल मंडी, पास्ता, मिसब्रांड।
-विनोद कुमार झम्मनलाल मंडी, सरसों तेल, मिसब्रांड।
-विनोद कुमार झम्मनलाल मंडी, बिस्किट, मिसब्रांड।
-अक्षय शुक्ला सौतियाना, बिस्किट, दो नमूने मिसब्रांड।
जांच रिपोर्ट में कुल 14 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए गए थे। इसमें कुछ मिसब्रांड तो कुछ अधोमानक थे। ये नमूने दस विक्रेताओं से लिए गए थे, उनके विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किया गया है।
-डॉ. टीआर रावत, सहायक आयुक्त (खाद्य)।