फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Students risk their lives studying in ruined classrooms, the lives of children at stake in more than a dozen dilapidated schools in Achhnera, and the administration's negligence may prove costly.

Agra News: खंडहर क्लास में जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे छात्र, अछनेरा के एक दर्जन से अधिक जर्जर स्कूलों में दांव पर नाैनिहालों की जिंदगी, प्रशासन की अनदेखी पड़ न जाए भारी

Sat, 18 Apr 2026 02:15 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 02:15 AM IST
विज्ञापन
Students risk their lives studying in ruined classrooms, the lives of children at stake in more than a dozen dilapidated schools in Achhnera, and the administration's negligence may prove costly.
दांव पर जिंदगी, जर्जर विद्यालयों में भविष्य संवार रहे नौनिहाल - फोटो : Samvad
अछनेरा। ब्लॉक अछनेरा के सरकारी स्कूल इन दिनों शिक्षा के मंदिर कम और मौत के जाल अधिक नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की इमारतें इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि यहां पढ़ने वाले नौनिहालों की जिंदगी हर पल दांव पर लगी है। सबसे बदतर स्थिति ग्राम पुरामना स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की है, जहां विभाग की अनदेखी किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है।
विज्ञापन

हैरानी की बात यह है कि इस विद्यालय का निर्माण वर्ष 2009 में हुआ था, लेकिन घटिया निर्माण की पोल महज एक साल में ही खुल गई। वर्ष 2010 से ही तत्कालीन प्रधानाध्यापकों द्वारा ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर बीएसए आगरा से करीब 30 बार लिखित शिकायत की गई। लेकिन विडंबना देखिए कि डेढ़ दशक बीतने को है और दर्जनों शिकायतों के बावजूद आज तक न तो ठेकेदार पर कार्रवाई हुई और न ही भवन की सुध ली गई।
विज्ञापन

इंसेट
चेतावनी बोर्ड के बीच बैठने को मजबूर बच्चे
वर्तमान में पुरामना विद्यालय के भवन की छत का एक हिस्सा गिर चुका है, फर्श उखड़ गया है और दीवारों में गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दिनों में तो छत से पानी का रिसाव होने के कारण कमरे तालाब बन जाते हैं। प्रशासन ने औपचारिकता पूरी करने के लिए विद्यालय में चेतावनी बोर्ड तो लगा दिए हैं, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण 95 पंजीकृत छात्र आज भी उन्हीं जानलेवा कमरों में बैठने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंसेट
अभिभावकों का अल्टीमेटम
ग्रामीण पप्पू सिंह, शिवकुमार और वीरेंद्र ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को खौफ के साये में स्कूल भेज रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भवन का कायाकल्प नहीं हुआ, तो वे बच्चों को विद्यालय भेजना पूरी तरह बंद कर देंगे।
वर्जन
हमने बीएसए और एबीएसए को कई बार लिखित में अवगत कराया है, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
— श्याम सिंह, प्रभारी प्रधानाध्यापक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed