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Coronavirus: केंद्रीय हिंदी संस्थान से अपने वतन रवाना हुए जापान और पोलैंड के विद्यार्थी
Sat, 04 Apr 2020 03:23 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 04 Apr 2020 03:23 PM IST
सार
इस वर्ष केंद्रीय हिंदी संस्थान में चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, थाईलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश समेत 29 देशों के 88 छात्र हिंदी सीखने आए।
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पोलैंड की छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण सत्र पूरा होने से पहले आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान की चार छात्राएं अपने देश लौट गईं। शनिवार सुबह जापान की दो और पोलैंड की दो छात्राएं संस्थान से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। वहां से वो अपने देश के बाकी नागरिकों के साथ अपने वतन के लिए प्रस्थान करेंगी।
जापान की युकी त्सुजी और अचिको तनाका व पोलैंड की कोरोलिना व आनिया छात्राएं संस्थान से विदा होने के समय भावुक थीं। हॉस्टल में रह रहीं, बाकी छात्राओं के साथ जाते समय सेल्फी भी ली। दक्षिण कोरिया के दो विद्यार्थी रविवार को संस्थान से विदा होंगे।
संस्थान के मीडिया समन्वयक प्रो. जोगेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि इनके जाने की तिथि के संबंध में दूतावास का पत्र संस्थान को प्राप्त हो गया। पहले जो पत्र आया था, उसमें से तीन अप्रैल से आठ अप्रैल के बीच छात्राओं को देश लौटने की बात कही गई थी।
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जापान की युकी त्सुजी और अचिको तनाका व पोलैंड की कोरोलिना व आनिया छात्राएं संस्थान से विदा होने के समय भावुक थीं। हॉस्टल में रह रहीं, बाकी छात्राओं के साथ जाते समय सेल्फी भी ली। दक्षिण कोरिया के दो विद्यार्थी रविवार को संस्थान से विदा होंगे।
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संस्थान के मीडिया समन्वयक प्रो. जोगेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि इनके जाने की तिथि के संबंध में दूतावास का पत्र संस्थान को प्राप्त हो गया। पहले जो पत्र आया था, उसमें से तीन अप्रैल से आठ अप्रैल के बीच छात्राओं को देश लौटने की बात कही गई थी।
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कक्षाओं के आधार पर उत्तीर्ण किया गया
संस्थान के निदेशक प्रो. नंद किशोर पांडेय के मुताबिक संस्थान बंद होने की स्थिति में छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा कराए बिना सत्र परीत्राओं को घर जाने की अनुमति दी गई थी, पर लॉक डाउन की घोषणा होने के बाद यह घर नहीं जा पाए। इनको कक्षाओं के आधार पर उत्तीर्ण कर दिया गया है। जिन विदेशी छात्र-छात्राओं के संबंध में दूतावास का पत्र प्राप्त हो रहा है, उन्हें भेजा जा रहा है। स्वदेशी छात्र-छात्राएं हास्टल में ही रह रहे हैं।