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विश्वविद्यालयः आंबेडकर चेयर के एलएलएम पाठ्यक्रम में छात्रों को प्रवेश नहीं, ये है वजह

Mon, 21 Sep 2020 02:26 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 21 Sep 2020 02:26 PM IST
सार

  • वर्ष 2019 में छात्रों ने डिमांड ड्राफ्ट जमा किए, फिर भी प्रवेश नहीं हुए थे
  •  वर्ष 2018 के छात्र परीक्षा के लिए अब तक लगा रहे विश्वविद्यालय के चक्कर

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Students Not Admitted In LLM Course Of Ambedkar Chair In Dr. Bhimrao Ambedkar University
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय

विस्तार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से फैकल्टी के अभाव में इस वर्ष खंदारी परिसर स्थित आंबेडकर चेयर के एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं लिए जा रहे हैं। विवि प्रशासन ने इस पाठ्यक्रम का विज्ञापन भी नहीं किया है।
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आंबेडकर चेयर में एलएलएम इन ह्यूमन राइट्स को मान्यता है। इसमें 60 सीटें हैं। वर्ष 2018 में इसमें छात्रों का प्रवेश लिया गया, लेकिन अब तक परीक्षा नहीं कराई गई है। छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। वर्ष 2019 में इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए छात्रों की काउंसिलिंग कराई गई और उन्हें आंबेडकर चेयर आवंटित भी कर दिया गया।
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छात्रों ने डिमांड ड्राफ्ट जमा किया था, लेकिन उन्हें अंतिम प्रवेश नहीं मिला। छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए पहुंचते थे तो संस्थान में कोई जिम्मेदार व्यक्ति ही नहीं मिलता था। पाठ्यक्रम को पढ़ाने के लिए फैकल्टी न होने और व्यवस्थाएं न होने से इस बार पाठ्यक्रम का विज्ञापन नहीं किया गया।
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जीएसटी सर्टिफिकेट कोर्स भी बंद
विश्वविद्यालय प्रशासन ने जीएसटी का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया था। वर्ष 2018 में कक्षाएं लगीं पर परीक्षा नहीं कराई गई। गत वर्ष आवेदन स्वीकार करने के बाद भी विद्यार्थियों के प्रवेश नहीं लिए गए। चालू सत्र में इस पाठ्यक्रम का भी विज्ञापन नहीं दिया गया है।

परीक्षा समिति में लिए जाएंगे इन पर निर्णय
एलएलएम 2018 की परीक्षा कराई जानी है। परीक्षा समिति में इस पर निर्णय लिया जाएगा। वर्ष 2019 में कितने छात्रों की फीस जमा थी, इसकी जानकारी वित्त अधिकारी से मांगी है।

छात्रों की पढ़ाई नहीं हुई तो फीस लौटाई जानी चाहिए। जीएसटी कोर्स को संचालित करने पर आगे निर्णय लिया जाएगा। इसमें जिन छात्रों ने वर्ष 2018 में कोर्स किया था, उन्हें प्रशिक्षण का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। -प्रो.अशोक मित्तल, कुलपति, विश्वविद्यालय
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