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छात्रों को अभी तक नहीं मिला रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को चुनने का विकल्प
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई अक्तूबर मध्य से कराई जा रही है। अभी तक विद्यार्थियों को रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को चुनने का विकल्प नहीं मिल पाया है। छह जनवरी 2022 को हुई विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में 135 रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को पढ़ाने की मंजूरी दी गई थी। लेकिन विश्वविद्यालय ने अभी तक कॉलेजों को पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं कराए हैं। जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रत्येक छात्र-छात्रा को रोजगारपरक पाठ्यक्रम पढ़ना अनिवार्य है।
श्रीमती बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम सिंह का कहना है कि रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के मिलने का इंतजार किया जा रहा है। प्राप्त होते ही इनको पढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा। सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि अभी तक रोजगारपरक पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की सत्र परीक्षाएं कराई जानी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक तय नहीं कर पाया है कि परीक्षाएं कब कराई जानी हैं, उसके परीक्षा कार्यक्रम कब तक जारी किए जाएंगेे। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अभी तक चल रही है। इसको बंद नहीं किया गया है। एक हफ्ते पूर्व तक छात्र-छात्राओं को वेब रजिस्ट्रेशन कराने का विकल्प दिया गया।
प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने रोजगारपरक पाठ्यक्रम कॉलेजों को अभी तक न उपलब्ध कराए जाने का मामला गंभीरता से लिया। कार्यभार ग्रहण करने के दिन ही शाम को नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए बनी समिति की बैठक बुलाई। प्रभारी कुलपति ने शुक्रवार दोपहर तक प्रत्येक दशा में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए है। बैठक में प्रो. अजय तनेजा, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. वीके सारस्वत, डॉ. एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।
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श्रीमती बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम सिंह का कहना है कि रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के मिलने का इंतजार किया जा रहा है। प्राप्त होते ही इनको पढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा। सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि अभी तक रोजगारपरक पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की सत्र परीक्षाएं कराई जानी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक तय नहीं कर पाया है कि परीक्षाएं कब कराई जानी हैं, उसके परीक्षा कार्यक्रम कब तक जारी किए जाएंगेे। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अभी तक चल रही है। इसको बंद नहीं किया गया है। एक हफ्ते पूर्व तक छात्र-छात्राओं को वेब रजिस्ट्रेशन कराने का विकल्प दिया गया।
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प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने रोजगारपरक पाठ्यक्रम कॉलेजों को अभी तक न उपलब्ध कराए जाने का मामला गंभीरता से लिया। कार्यभार ग्रहण करने के दिन ही शाम को नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए बनी समिति की बैठक बुलाई। प्रभारी कुलपति ने शुक्रवार दोपहर तक प्रत्येक दशा में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए है। बैठक में प्रो. अजय तनेजा, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. वीके सारस्वत, डॉ. एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।
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