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एंबुलेंस कर्मचारियों ने रखी हड़ताल, किया प्रदर्शन
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हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते हुए एंबुलेंस पॉयलट व ईएमटी
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर मांगों को लेकर एंबुलेंस पायलट और ईएमटी ने सोमवार को हड़ताल रखी। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के कारण जिले की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। इस दौरान कहीं लोग ई-रिक्शे से मरीजों को अस्पताल लाते और ले जाते देखे गए। कहीं लोगों ने निजी वाहनों से मरीजों और प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल पहुंचाया।
जिले भर के पीएचसी और सीएचसी तथा जिला अस्पताल की एंबुलेंस लेकर कर्मचारी नगर के क्रिश्चियन मैदान पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने यहां प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि कार्यदायी संस्था कर्मचारियों का शोषण कर रही है। ईएमटी और पॉयलट के चयन के नाम पर 50 हजार व 35 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। कर्मचारी एक साल भी काम न कर पाए उसे हटाकर दूसरों से पैसे लेकर कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
वहीं कंपनी पायलट व ईएमटी से फर्जी केस भी दर्ज करा रही है। कर्मचारियों की मांग थी कि कंपनी जो पायलट प्रोजेक्टर लेकर आई है उसे बंद किया जाए। कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन के आधार पर वेतन दिया जाए। प्रदर्शन करने वालों में योगेंद्र कुमार, अजय कुमार, सुदेश कुमार, ऋषि कुमार, सतेंद्र सिंह, अवधसेश कुमार, अनरुद्ध कुमार, राजेश कुमार, नवीन पाठक आदि कर्मचारी शामिल थे।
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मरीजों को उठानी पड़ीं दिक्कतें
एंबुलेंस कर्मचारियों की ओर से चक्का जाम करने से मरीजों को दिक्कतों को सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल में जहां कुछ मरीजों को परिजन प्राइवेट एंबुलेंस और वाहनों से लेकर उपचार दिलाने पहुंचे। वहीं कई लोग मरीजों की जान जोखिम में डाल उसे मोटर साइकिल और ई-रिक्शा से ही लेकर अस्पताल पहुंचे। जिन मरीजों को गंभीर हालत में रेफर किया गया, उन्हें भी प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा।
300 रुपये किराया देकर ई-रिक्शा से लाए मरीज
थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव मेरापुर निवासी बालेश्वर सिंह की पुत्री मुस्कान सोमवार को छत से गिर गई। परिजनों ने एक निजी डॉक्टर को बुलाकर उसे दर्द का इंजेक्शन लगवाया। इस दौरान करीब सात बार 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद परिजन उसे ई-रिक्शा से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां बालेश्वर सिंह ने बताया कि एंबुलेंस सेवा बंद होने के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें 300 रुपया किराया भी देना पड़ा।
बाइक मांग कर पहुंचे अस्पताल
भोगांव रोड स्थित गांव गढ़िया निवासी सतेंद्र सिंह पुत्र ब्रजेश कुमार दिव्यांग है। सोमवार की दोपहर वह अपने घर पर सीढिय़ां से गिर गया। इससे उसके एक पैर में फ्रेक्चर हो गया। परिजनों ने कई बार एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई तो परिजन पड़ोसी की मोटर साइकिल से उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पिता ब्रजेश कुमार ने बताया कि एंबुलेंस सेवा बंद होने के कारण दिक्कत उठानी पड़ रही है।
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जिले भर के पीएचसी और सीएचसी तथा जिला अस्पताल की एंबुलेंस लेकर कर्मचारी नगर के क्रिश्चियन मैदान पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने यहां प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि कार्यदायी संस्था कर्मचारियों का शोषण कर रही है। ईएमटी और पॉयलट के चयन के नाम पर 50 हजार व 35 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। कर्मचारी एक साल भी काम न कर पाए उसे हटाकर दूसरों से पैसे लेकर कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
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वहीं कंपनी पायलट व ईएमटी से फर्जी केस भी दर्ज करा रही है। कर्मचारियों की मांग थी कि कंपनी जो पायलट प्रोजेक्टर लेकर आई है उसे बंद किया जाए। कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन के आधार पर वेतन दिया जाए। प्रदर्शन करने वालों में योगेंद्र कुमार, अजय कुमार, सुदेश कुमार, ऋषि कुमार, सतेंद्र सिंह, अवधसेश कुमार, अनरुद्ध कुमार, राजेश कुमार, नवीन पाठक आदि कर्मचारी शामिल थे।
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मरीजों को उठानी पड़ीं दिक्कतें
एंबुलेंस कर्मचारियों की ओर से चक्का जाम करने से मरीजों को दिक्कतों को सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल में जहां कुछ मरीजों को परिजन प्राइवेट एंबुलेंस और वाहनों से लेकर उपचार दिलाने पहुंचे। वहीं कई लोग मरीजों की जान जोखिम में डाल उसे मोटर साइकिल और ई-रिक्शा से ही लेकर अस्पताल पहुंचे। जिन मरीजों को गंभीर हालत में रेफर किया गया, उन्हें भी प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा।
300 रुपये किराया देकर ई-रिक्शा से लाए मरीज
थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव मेरापुर निवासी बालेश्वर सिंह की पुत्री मुस्कान सोमवार को छत से गिर गई। परिजनों ने एक निजी डॉक्टर को बुलाकर उसे दर्द का इंजेक्शन लगवाया। इस दौरान करीब सात बार 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद परिजन उसे ई-रिक्शा से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां बालेश्वर सिंह ने बताया कि एंबुलेंस सेवा बंद होने के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें 300 रुपया किराया भी देना पड़ा।
बाइक मांग कर पहुंचे अस्पताल
भोगांव रोड स्थित गांव गढ़िया निवासी सतेंद्र सिंह पुत्र ब्रजेश कुमार दिव्यांग है। सोमवार की दोपहर वह अपने घर पर सीढिय़ां से गिर गया। इससे उसके एक पैर में फ्रेक्चर हो गया। परिजनों ने कई बार एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई तो परिजन पड़ोसी की मोटर साइकिल से उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पिता ब्रजेश कुमार ने बताया कि एंबुलेंस सेवा बंद होने के कारण दिक्कत उठानी पड़ रही है।