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UP: ताजगंज में बिक गई सड़कें...बन रहे दुकान और मकान, इस तस्वीर से जानें क्या हो रहा है
Fri, 10 Oct 2025 09:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 10 Oct 2025 09:22 AM IST
सार
नगर निगम के स्वामित्व की भूमि का हाल चौंकाने वाला है। सरकारी रिकाॅर्ड में जो रास्ता है, उस पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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रास्ते की जमीन पर होता निर्माण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के ताजगंज में सड़कें बिक गईं। जिम्मेदार आंखें बंद किए रहे। सरकारी रिकॉर्ड में जहां रास्ता दर्ज था, वहां मकान, दुकान व अन्य अवैध निर्माण खड़े हो रहे हैं। मंडलायुक्त, डीएम और नगरायुक्त से शिकायत के बाद भी अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं हुए। शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए सार्वजनिक भूमि को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई है।
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गोबर चौकी, बल्देव नगर निवासी वीरेश राठौर की याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। जिसमें राज्य सरकार के अलावा मंडलायुक्त, डीएम, नगरायुक्त और एसडीएम को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने बताया कि मौजा बसई मुस्तकिल में गाटा संख्या 1087 में राजस्व अभिलेख में रास्ता दर्ज है। नगर निगम प्रबंधन की भूमि है।
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एक ट्रस्ट के अधिकारियों ने तथ्यों को छिपाकर पट्टा विलेख की आड़ में रास्ते की भूमि को बेच दिया। गाटा संख्या 1087 नॉन जेड ए अभिलेख में सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज है। सड़क भूमि पर मकान, दुकान व अन्य निर्माण खड़े करने वाले राजनीतिक दलों और भूमाफिया प्रवृत्ति के लोग शामिल हैं। दो साल में एक दर्जन से अधिक शिकायत दर्ज कराईं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।