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कर्मचारी विरोधी नीतियों पर राज्य कर्मचारियों का आंदोलन शुरू
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नगर विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन करते कर्मचारी
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने शुक्रवार से आंदोलन की शुरुआत कर दी। पहले दिन कर्मचारियों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन और ठेकेदारी प्रथा सहित कई समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री और विभागीय निदेशकों को पत्र भेजे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 18 जनवरी को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। शुक्रवार से कर्मचारियों ने जिले में आंदोलन शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग, नहर विभाग, परिवहन विभाग सहित कई विभागों के कर्मचारियों ने शुक्रवार को काला फीता बांधकर कार्य किया। 27 फरवरी तक वे काला फीता बांध कर विरोध करेंगे।
शुक्रवार को पहले दिन सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने रोडवेज बस स्टैंड पर और नहर विभाग के कर्मचारियों ने अपने विभाग के कार्यालय पर काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि शासन लगातार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रहा है।
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इसलिए प्रदेशव्यापी यह आंदोलन शुरू किया गया है। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों अपने विभाग के निदेशकों को पत्र भी भेजे। प्रदर्शन करने वालो में शिवमंगल सिंह, ऋषिप्रकाश, एचएन सिंह, जितेंद्र सिंह, वीपी मसीह सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल थे।
ये हैं प्रमुख मांगें
- नई पेंशन योजना बंद की जाए, पुरानी पेंशन योजना लागू हो
- कर्मचारियों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग तैनाती और ठेकेदारी प्रथा का समाप्त किया जाए
- छठे वेतन आयोग में कई समस्याएं अभी भी हैं जिन्हें दूर कराया जाए
- राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान सुविधाएं और भत्ते प्रदान किए जाएं
- स्क्रीनिंग के माध्यम से 50 वर्ष की उम्र में जबरन सेवानिवृत्ति के आदेश को समाप्त किया जाए
इस प्रकार होगा आंदोलन
-19 फरवरी से 27 फरवरी काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे
-28 फरवरी से 17 मार्च तक जन जागरूकता के लिए गेट मीटिंग का आयोजन
-18 मार्च को जनपद मुख्यालय पर सामूहिक उपवास रखकर धरना और प्रदर्शन
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 18 जनवरी को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। शुक्रवार से कर्मचारियों ने जिले में आंदोलन शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग, नहर विभाग, परिवहन विभाग सहित कई विभागों के कर्मचारियों ने शुक्रवार को काला फीता बांधकर कार्य किया। 27 फरवरी तक वे काला फीता बांध कर विरोध करेंगे।
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शुक्रवार को पहले दिन सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने रोडवेज बस स्टैंड पर और नहर विभाग के कर्मचारियों ने अपने विभाग के कार्यालय पर काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि शासन लगातार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रहा है।
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इसलिए प्रदेशव्यापी यह आंदोलन शुरू किया गया है। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों अपने विभाग के निदेशकों को पत्र भी भेजे। प्रदर्शन करने वालो में शिवमंगल सिंह, ऋषिप्रकाश, एचएन सिंह, जितेंद्र सिंह, वीपी मसीह सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल थे।
ये हैं प्रमुख मांगें
- नई पेंशन योजना बंद की जाए, पुरानी पेंशन योजना लागू हो
- कर्मचारियों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग तैनाती और ठेकेदारी प्रथा का समाप्त किया जाए
- छठे वेतन आयोग में कई समस्याएं अभी भी हैं जिन्हें दूर कराया जाए
- राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान सुविधाएं और भत्ते प्रदान किए जाएं
- स्क्रीनिंग के माध्यम से 50 वर्ष की उम्र में जबरन सेवानिवृत्ति के आदेश को समाप्त किया जाए
इस प्रकार होगा आंदोलन
-19 फरवरी से 27 फरवरी काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे
-28 फरवरी से 17 मार्च तक जन जागरूकता के लिए गेट मीटिंग का आयोजन
-18 मार्च को जनपद मुख्यालय पर सामूहिक उपवास रखकर धरना और प्रदर्शन