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Taj Mahal: ताजमहल में अब पर्यटक नहीं होंगे चोटिल, एएसआई ने मकबरे से उतरने वाली 22 सीढ़ियों के बदले स्लीपर
Fri, 15 May 2026 10:58 PM IST
Arun Parashar
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 15 May 2026 10:58 PM IST
सार
ताजमहल में सीढ़ियां मूल रूप से संगमरमर की हैं, जो हर दिन हजारों सैलानियों के चढ़ने, उतरने से चिकनी हो गई थीं। इससे सैलानी फिसलने लगे थे। वर्ष 2012 में एएसआई ने यूनेस्को की सलाह पर संगमरमर की मूल सीढ़ियों के ऊपर लोहे के फ्रेम में लकड़ी की सीढ़ियां ऊपर से लगा दी थीं। 14 साल में यह क्षतिग्रस्त हो गईं तो अब इन्हें बदल दिया गया है।
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ताजमहल
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
ताजमहल के मुख्य मकबरे में पर्यटकों के उतरने के लिए बनी सीढ़ियों को बदल दिया गया है। शुक्रवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने ताजमहल की बंदी के दिन स्टील के फ्रेम पर साल की लकड़ी के स्लीपर बदल दिए। यहां 22 सीढ़ियां हैं, जिनके चिकने और क्षतिग्रस्त हो गए लकड़ी के स्लीपरों को हटाया गया है। इस बार लोहे की जगह स्टील के फ्रेम का इस्तेमाल एएसआई ने किया है ताकि स्लीपर के नीचे लगे बेस फ्रेम में जंग न लग पाए और यह टिकाऊ साबित हो।
ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि शुक्रवार को अवकाश के दिन मकबरे से उतरने वाली 22 सीढ़ियों के स्लीपर बदले गए हैं। यह सीढ़ियां मूल रूप से संगमरमर की हैं, जो हर दिन हजारों सैलानियों के चढ़ने, उतरने से चिकनी हो गई थीं। इससे सैलानी फिसलने लगे थे। वर्ष 2012 में एएसआई ने यूनेस्को की सलाह पर संगमरमर की मूल सीढ़ियों के ऊपर लोहे के फ्रेम में लकड़ी की सीढ़ियां ऊपर से लगा दी थीं। 14 साल में यह क्षतिग्रस्त हो गईं तो अब इन्हें बदल दिया गया है।
सैलानियों के फिसलकर गिरने की हो रहीं थी घटनाएं
ताजमहल के मुख्य मकबरे में लगी लकड़ी की सीढ़ियां फ्रेम के क्षतिग्रस्त होने से ढीली हो गई थीं। इनके घिसने की वजह से पर्यटकों को मकबरे में चढ़ने-उतरने में परेशानी हो रही थी। कुछ पर्यटकों के पैर मुड़ने व फिसलकर गिरने के भी मामले सामने आए थे। इसी के बाद ताजमहल के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से इन सीढ़ियों को बदलने की अनुमति मांगी थी। अगले शुक्रवार को दूसरी ओर की सीढ़ियों को बदलने का काम किया जाएगा। साल की लकड़ी के स्लीपर खुरदुरे रखे गए हैं ताकि पर्यटक फिसलकर न गिरें। इसी पर मकबरे से समानता रखते हुए सफेद रंग का पेंट किया जाएगा।
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ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि शुक्रवार को अवकाश के दिन मकबरे से उतरने वाली 22 सीढ़ियों के स्लीपर बदले गए हैं। यह सीढ़ियां मूल रूप से संगमरमर की हैं, जो हर दिन हजारों सैलानियों के चढ़ने, उतरने से चिकनी हो गई थीं। इससे सैलानी फिसलने लगे थे। वर्ष 2012 में एएसआई ने यूनेस्को की सलाह पर संगमरमर की मूल सीढ़ियों के ऊपर लोहे के फ्रेम में लकड़ी की सीढ़ियां ऊपर से लगा दी थीं। 14 साल में यह क्षतिग्रस्त हो गईं तो अब इन्हें बदल दिया गया है।
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सैलानियों के फिसलकर गिरने की हो रहीं थी घटनाएं
ताजमहल के मुख्य मकबरे में लगी लकड़ी की सीढ़ियां फ्रेम के क्षतिग्रस्त होने से ढीली हो गई थीं। इनके घिसने की वजह से पर्यटकों को मकबरे में चढ़ने-उतरने में परेशानी हो रही थी। कुछ पर्यटकों के पैर मुड़ने व फिसलकर गिरने के भी मामले सामने आए थे। इसी के बाद ताजमहल के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से इन सीढ़ियों को बदलने की अनुमति मांगी थी। अगले शुक्रवार को दूसरी ओर की सीढ़ियों को बदलने का काम किया जाएगा। साल की लकड़ी के स्लीपर खुरदुरे रखे गए हैं ताकि पर्यटक फिसलकर न गिरें। इसी पर मकबरे से समानता रखते हुए सफेद रंग का पेंट किया जाएगा।
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