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Agra news: टीम देख भागा स्टाफ, चार लैब व अस्पताल का वार्ड सील
Thu, 29 Jun 2023 12:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 29 Jun 2023 12:42 PM IST
सार
सूर्य नगर स्थित एम्पैथ लैब अवैध तरीके से चल रही थी। लाइसेंस नहीं था। ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित सना पैथोलॉजी लैब, ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित समय पैथोलॉजी लैब और आरएस पैथोलॉजी लैब को सील किया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को चार पैथोलॉजी लैब और एक अस्पताल का वार्ड सील कर दिया। यहां डॉक्टर और प्रशिक्षित टेक्नीशियन नहीं थे। इनको नोटिस भी दिए जा रहे हैं।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सूर्य नगर स्थित एम्पैथ लैब अवैध तरीके से चल रही थी। लाइसेंस नहीं था। ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित सना पैथोलॉजी लैब, ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित समय पैथोलॉजी लैब और आरएस पैथोलॉजी लैब को सील किया गया है। जलेसर रोड स्थित रामादेवी हॉस्पिटल के बेसमेंट में मरीज भर्ती करने पर वार्ड सील किया गया है।
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ये किए सील:
- एम्पैथ पैथोलॉजी: ये बिना लाइसेंस के चल रही थी। यहां डॉक्टर नहीं थे, उपकरण भी गंदे थे। बायोमेडिकल वेस्ट थैली में भरा हुआ था। रिपोर्ट पर किसी डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं थे। संचालक राहुल मित्तल मिला, उसने खुद और टेक्नीशियन से जांच कराने की बात कही।- सना पैथोलॉजी सेंटर: ये डॉ. मनीष कुमार वार्ष्णेय के नाम से पंजीकृत है। टीम देखकर स्टाफ भाग खड़ा हुआ। आसपास के लोगों से पूछने पर टीम को पता चला कि इसका संचालक मोहम्मद इरशाद है, यही जांच करता है। टीम ने दुकान पर नोटिस चस्पा भी किया है।
- समय पैथोलॉजी: ये भी डॉ. मनीष कुमार के नाम से पंजीकृत थी। ये यहां भी नहीं मिले। मौके पर मिले अमित भाटिया ने बताया कि उनकी पत्नी डॉ. पारुल भाटिया इसकी संचालक हैं। डॉ. मनीष के बारे में पूछने पर कहा कि मैडम ही बता सकती हैं। पर्चे पर भी डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं थे।
- आरएस पैथोलॉजी: ये डॉ. शबीना अशरफ के नाम से पंजीकृत है, लेकिन वह नहीं मिलीं। टेक्नीशियन मनोज कुमार जांच करता मिला। पर्चे पर हस्ताक्षर देख टीम के पूछने पर मैडम के बताए। टीम ने कहा कि वो तो गोरखपुर रहती हैं, हस्ताक्षर कैसे किए। सख्ती पर उसने कहा कि वह खुद ही उनके नाम से हस्ताक्षर करता है। सोमवार को डॉ. शबीना के नाम से पंजीकृत यमुनापार में न्यू एक्सीलेंट पैथोलॉजी सील की गई थी।
- रामा देवी हॉस्पिटल: इसमें बेसमेंट में वार्ड चल रहा था, दो मरीज भर्ती थे। नियमानुसार बेसमेंट में वार्ड नहीं चल सकता। मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराते हुए इसे सील कर दिया। डॉक्टर मिले, जिन्होंने बताया कि लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया है।
- आरएस पैथोलॉजी: ये डॉ. शबीना अशरफ के नाम से पंजीकृत है, लेकिन वह नहीं मिलीं। टेक्नीशियन मनोज कुमार जांच करता मिला। पर्चे पर हस्ताक्षर देख टीम के पूछने पर मैडम के बताए। टीम ने कहा कि वो तो गोरखपुर रहती हैं, हस्ताक्षर कैसे किए। सख्ती पर उसने कहा कि वह खुद ही उनके नाम से हस्ताक्षर करता है। सोमवार को डॉ. शबीना के नाम से पंजीकृत यमुनापार में न्यू एक्सीलेंट पैथोलॉजी सील की गई थी।
- रामा देवी हॉस्पिटल: इसमें बेसमेंट में वार्ड चल रहा था, दो मरीज भर्ती थे। नियमानुसार बेसमेंट में वार्ड नहीं चल सकता। मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराते हुए इसे सील कर दिया। डॉक्टर मिले, जिन्होंने बताया कि लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया है।