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नित नए रूप में सजे ठाकुर बांकेबिहारी
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वृंदावन (मथुरा)। विश्व प्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर में फूलबंगलों का दौर सोमवार को सोमवती हरियाली अमावस्या के साथ पूर्ण हो गया। इस दौरान ठाकुर जी नित नए रूप में नजर आए। उन्हें फूलों के बंगलों में विराजमान किया। कभी चांदी के रथ पर तो कभी नाग पर सवार हुए। फूलबंगले के बाद अब मंदिर में हरियाली तीज की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 23 जुलाई को बांकेबिहारी स्वर्ण हिंडोलों में झूला झूलेंगे।
भले ही कोरोना संक्रमण के चलते सब कुछ बंद हो। ठाकुर जी भी भक्तों को दर्शन नहीं दे रहे हैं, लेकिन श्रीबांकेबिहारी को फूलों में विराजमान कराया जा रहा है। फूलों से शृंगार हो रहा है। परंपरागत विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इस बार श्रीबांकेबिहारी के लिए कोई विदेशी फूल नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि के फूल ही उनके शृंगार में लग रहे हैं।
फूलबंगलों का यह दौर सोमवती हरियाली अमावस्या के साथ खत्म हो गया। अब मंदिर में हरियाली तीज की तैयारियों शुरू हो गई हैं। 23 जुलाई को हरियाली तीज पर श्रीबांकेबिहारी स्वर्ण हिंडोले में विराजमान होंगे। ठाकुरजी को आंगन में स्वर्ण हिंडोले में बिठाया जाएगा। यहां स्वर्ण हिंडोले में झूला झूलेंगे।
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भले ही कोरोना संक्रमण के चलते सब कुछ बंद हो। ठाकुर जी भी भक्तों को दर्शन नहीं दे रहे हैं, लेकिन श्रीबांकेबिहारी को फूलों में विराजमान कराया जा रहा है। फूलों से शृंगार हो रहा है। परंपरागत विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इस बार श्रीबांकेबिहारी के लिए कोई विदेशी फूल नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि के फूल ही उनके शृंगार में लग रहे हैं।
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फूलबंगलों का यह दौर सोमवती हरियाली अमावस्या के साथ खत्म हो गया। अब मंदिर में हरियाली तीज की तैयारियों शुरू हो गई हैं। 23 जुलाई को हरियाली तीज पर श्रीबांकेबिहारी स्वर्ण हिंडोले में विराजमान होंगे। ठाकुरजी को आंगन में स्वर्ण हिंडोले में बिठाया जाएगा। यहां स्वर्ण हिंडोले में झूला झूलेंगे।
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