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श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद: भाजपा सांसद ने राज्यसभा में उठाई उपासना स्थल कानून रद्द करने की मांग

Fri, 10 Dec 2021 09:45 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, एटा/मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा/मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 10 Dec 2021 09:45 AM IST
सार

राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने गुरुवार को शून्यकाल में मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा उठाया। उन्होंने उपासना स्थल कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग रखी। 

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Sri Krishna Janmabhoomi dispute BJP MP Harnath Singh Yadav seeks repeal of Places of Worship Act
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने राज्यसभा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उपासना स्थल कानून (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991 के प्रावधान मनमाने और असंवैधानिक हैं। यह देशवासियों की धार्मिक भावनाओं के साथ क्रूरता है। उन्होंने इस कानून को समाप्त करने की मांग रखी। 

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राज्यसभा सांसद ने कहा कि इस कानून में प्रावधान किया गया कि पूजा स्थलों की जो स्थिति 15 अगस्त 1947 को थी, उसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस कानून में अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि को अलग रखा गया। यह भी प्रावधान है कि इस कानून के खिलाफ कोई नागरिक अदालत भी नहीं जा सकता है और न चुनौती दे सकता है। 
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'विदेशी आक्रांताओं ने धार्मिक स्थलों पर किया था कब्जा'
सांसद ने कहा कि कानून का स्पष्ट अर्थ यह है कि विदेशी आक्रांताओं द्वारा तलवार की नोंक पर संपूर्ण कलाधारी भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि सहित अन्य पूजा स्थलों पर जो बलपूर्वक कब्जा किया गया था, उसे तत्कालीन सरकार ने कानूनी रूप दे दिया। इस तरह हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध को उनके धार्मिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया।
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हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि यह कानून मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और योगीराज श्रीकृष्ण के बीच भेदभाव पैदा करता है, जबकि दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार हैं। समान कृत्यों और समान परिस्थितियों के लिए दो कानून नहीं हो सकते। नागरिकों के लिए न्यायालय के दरवाजे बंद नहीं किए जा सकते। वहीं, विपक्ष के सांसदों ने शून्यकाल में यह विवाद उठाने पर आपत्ति जताई। 

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