श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण: ईदगाह मस्जिद पर रिसीवर की मांग, पक्षकार ने अदालत में दिया प्रार्थनापत्र
- सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दिया प्रार्थनापत्र, आदेश रिजर्व किया गया
- पुरातत्व सर्वे की मांग भी उठाई, इससे पहले की जा चुकी है अमीन कमीशन की मांग
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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत से शाही मस्जिद ईदगाह पर रिसीवर की मांग की है। उनका आरोप है कि मस्जिद के पदाधिकारी मस्जिद में लगे मंदिर के पत्थर और साक्ष्यों को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं।
शुक्रवार को अदालत से मस्जिद की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट मंगाए जाने की अपील भी की गई है। बता दें कि इससे पूर्व भी अमीन कमीशन भेजकर रिपोर्ट मंगाने की मांग की जा चुकी है।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने ठाकुर केशवदेवजी का भक्त बनकर मथुरा की अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ जमीन पर दावा किया है। इस पर सुनवाई चल रही है।
दावे पर सुनवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष ने इससे पूर्व दावे के प्रतिवादी पक्ष शाही मस्जिद ईदगाह के पदाधिकारियों पर आरोप लगाया था कि बड़े स्तर पर मस्जिद में लगे उन पत्थरों को बदला जा रहा है, जो आक्रामक औरंगजेब ने मंदिर तोड़कर मस्जिद में लगाए थे।
शुक्रवार को समिति के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप और एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी ने अदालत में प्रार्थनापत्र दिया। कहा कि चूंकि केस के प्रतिवादीगण मस्जिद के पदाधिकारियों द्वारा मंदिर के मस्जिद में लगे पत्थरों को हटाया जा सकता है, जिससे केस पर असर पड़ेगा, इसलिए रिसीवर की नियुक्ति की जाए।
उन्होंने अपने दूसरे प्रार्थनापत्र में कहा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से ईदगाह मस्जिद ढांचे के विभिन्न स्थलों पर खोदाई करके रिपोर्ट मांगी जाए। सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा बनोदिया की अदालत ने दोनों प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई की और आदेश सुरक्षित कर लिया है।
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