श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मामला: चौथे केस में छह फरवरी को आ सकता है फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा की अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह से संबंधित जमीन विवाद को लेकर दाखिल दावे पर छह फरवरी को फैसला आ सकता है। यह दावा ठाकुर केशव देव महाराज विराजमान मंदिर कटरा केशव देव के सेवायत ने दाखिल किया है। इस पर गुरुवार को अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले में वाद दर्ज होगा या नहीं, इस पर छह फरवरी को फैसला आ सकता है।
एक के बाद एक श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित 13.37 एकड़ जमीन के विवाद को लेकर दावे किए जा रहे हैं। इनमें से अभी तक सिर्फ एक ही दावा अदालत में दर्ज हो सका है। सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री की ओर से श्रीकृष्ण विराजमान को वादी बनाया गया, जिसकी प्रकीर्ण वाद में जिला जज की अदालत में सुनवाई चल रही है।
इसके बाद हिंदू आर्मी के प्रमुख मनीष यादव ने वाद दाखिल किया, जिसमें केस दर्ज होने पर अभी तक निर्णय नहीं आ सका है। जबकि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट की ओर से दाखिल किया गया वाद दर्ज हो गया है।
दो फरवरी को ठाकुर केशवदेव महाराज विराजमान मंदिर कटरा केशवदेव द्वारा सेवायत पवन कुमार शास्त्री के माध्यम से सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दाखिल किया गया है। यह चौथा दावा है। इसमें 13.37 एकड़ जमीन का मालिकाना हक मांगा गया है।
गुरुवार को केस के दर्ज होने को लेकर अदालत में बहस होनी थी, लेकिन न्यायाधिकारी छाया शर्मा के अवकाश पर होने के कारण इस केस की सुनवाई एडीजे-6 की देवकांत शुक्ला की अदालत में की गई। इसमें वादी पवन कुमार के अधिवक्ता एडवोकेट आरएस भारद्वाज ने बहस की। अदालत ने इसके निर्णय के लिए छह फरवरी की तारीख तय की है। वादी के अधिवक्ता ने बताया कि केस के दर्ज होने पर अदालत छह फरवरी को निर्णय दे सकती है।