श्रीकृष्ण जन्मस्थान का मामला: तथ्य जुटाने को अदालत से अमीन कमीशन बनाने की अपील
- ठाकुर केशवदेव को वादी बनाकर अदालत आए एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह
- एडीजे सप्तम की अदालत में दिया प्रार्थनापत्र, अदालत 19 फरवरी को देगी निर्णय
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मथुरा की अदालत में ठाकुर केशवदेव को वादी बनाकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित 13.37 एकड़ जमीन पर मालिकाना हक का दावा करने वाले अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह और अन्य ने सोमवार को अदालत में शाही ईदगाह मस्जिद से तथ्य जुटाने के लिए अमीन कमीशन बनाने की अपील की है। उन्होंने एडीजे सप्तम की अदालत में इस संबंध में प्रार्थनापत्र दिया है। प्रार्थनापत्र पर अदालत में सुनवाई भी हुई। अदालत ने इस पर निर्णय के लिए 19 फरवरी तय कर दी है।
23 दिसंबर 2020 को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह और एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी ने सीनियर सिविल जज की अदालत में वाद दाखिल किया था। अदालत ने इसे उसी दिन दर्ज भी कर लिया और सुनवाई शुरू कर दी। अभी इस केस में 19 फरवरी 2021 को सुनवाई होनी थी, लेकिन सोमवार को वादीगण एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह व अन्य अचानक अदालत पहुंचे।
उन्होंने सीनियर सिविल जज की अनुपस्थिति में सुनवाई कोर्ट एडीजे सप्तम के न्यायाधिकारी प्रमोद कुमार को प्रार्थनापत्र दिया। उन्होंने मांग की कि यह विवाद चूंकि संपत्ति का विवाद है, अत: इस विवाद में तथ्य जुटाने के लिए अमीन कमीशन टीम को मौके पर भेजा जाए। अदालत में अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा।
अदालत ने निर्णय के लिए 19 फरवरी तय कर दी। वादीगणों ने बताया कि हमारी अमीन कमीशन बनाने की मांग इसलिए है कि आज भी शाही मस्जिद ईदगाह में वह अवशेष बाकी हैं, जो वहां पर मंदिर होने का प्रमाण देते हैं। दीवारों पर श्रीकृष्ण तथा उनसे संबंधित कुछ पच्चीकारी (चित्र) आदि चिन्ह आज भी मौजूद हैं। अमीन कमीशन से केस के लिए तथ्य जुटाने में आसानी होगी।
ठाकुर केशवदेव के सेवायत का दावा भी हो चुका है दर्ज
एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह के अलावा चार फरवरी को ठाकुर केशवदेव मंदिर के सेवायत पवन कुमार शास्त्री का मामला भी अदालत में दर्ज हो चुका है। उनके द्वारा भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ जमीन पर मालिकाना हक का दावा किया गया है।
सबसे पहले अदालत में दावा दाखिल करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के दावे के दर्ज होने या न होने पर जिला जज की अदालत में सुनवाई चल रही है। वहीं हिंदू आर्मी के चीफ मनीष यादव के दावे पर दर्ज होने न होने पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस संबंध में अदालत का निर्णय आना बाकी है।