{"_id":"6ab988444519b8686c08e836","slug":"spurious-anti-rabies-vaccine-agra-remains-untraceable-agra-news-c-25-agr1004-1170472-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: ढूंढे नहीं मिल रही आगरा भेजी गई नकली अभयरब वैक्सीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: ढूंढे नहीं मिल रही आगरा भेजी गई नकली अभयरब वैक्सीन
विज्ञापन
कानपुर। नकली अभयरब वैक्सीन मामले में ड्रग विभाग ने दोनों दवा फर्मों एलेक्जर और न्यू आरजे एजेंसीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। दोनों फर्मों के खातों में आपस में लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है जिसके शक पर ही विभाग ने मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा आगरा में बेची गईं करीब 500 वैक्सीन वॉयल का पता दूसरे दिन भी ड्रग विभाग की टीम नहीं लगा सकी। अधिकारियों का कहना है कि वे पता कर रहे हैं कि आखिर वैक्सीन कहां गईं। बाकी जिन जगहों पर वैक्सीन भेजी गई थीं, वहां से वापस आ गई हैं।
आगरा की संबंधित फर्म का कहना है कि उसने ट्रांसपोर्ट से वैक्सीन वॉयल को उठाया ही नहीं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह वैक्सीन वापस न्यू आरजे एजेंसी के पास भी नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान में ड्रग विभाग की जांच का मुख्य फोकस रैबीज वैक्सीन पर ही बना हुआ है। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि आगरा में भेजी गईं दवाएं कहां है। इसे पता किया जा रहा है। दोनों फर्म संचालक एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और उन्होंने फर्जी बिल तैयार किए हैं। इसके अलावा उनके खातों में भी लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है। इसके आधार पर दोनों के खिलाफ थाना में एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
ड्रग विभाग की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों संबंधित फर्मों ने मिलकर फर्जी बिल तैयार किए हैं। दोनों फर्में मिलीभगत से काम कर रही थीं। बैंक खातों की पड़ताल से पता चला है कि एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में लाखों रुपये का लेनदेन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, लाखों रुपये हर महीने एक दूसरे के खातों में भेजे जा रहे थे जिसका सही जवाब दोनों नहीं दे पाए। इन लेनदेन के जो बिल दोनों फर्मों ने दिखाए वे भी फर्जी मिले। सूत्रों के अनुसार, ये फर्जी बिलिंग का खेल केवल कागजों तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके तार एक बड़े गैर-कानूनी दवा नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। अभी तक दोनों ने वैक्सीन कहां से ली हैं, इसके बारे में नहीं बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा की संबंधित फर्म का कहना है कि उसने ट्रांसपोर्ट से वैक्सीन वॉयल को उठाया ही नहीं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह वैक्सीन वापस न्यू आरजे एजेंसी के पास भी नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान में ड्रग विभाग की जांच का मुख्य फोकस रैबीज वैक्सीन पर ही बना हुआ है। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल ने बताया कि आगरा में भेजी गईं दवाएं कहां है। इसे पता किया जा रहा है। दोनों फर्म संचालक एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और उन्होंने फर्जी बिल तैयार किए हैं। इसके अलावा उनके खातों में भी लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है। इसके आधार पर दोनों के खिलाफ थाना में एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
विज्ञापन
ड्रग विभाग की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों संबंधित फर्मों ने मिलकर फर्जी बिल तैयार किए हैं। दोनों फर्में मिलीभगत से काम कर रही थीं। बैंक खातों की पड़ताल से पता चला है कि एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में लाखों रुपये का लेनदेन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, लाखों रुपये हर महीने एक दूसरे के खातों में भेजे जा रहे थे जिसका सही जवाब दोनों नहीं दे पाए। इन लेनदेन के जो बिल दोनों फर्मों ने दिखाए वे भी फर्जी मिले। सूत्रों के अनुसार, ये फर्जी बिलिंग का खेल केवल कागजों तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके तार एक बड़े गैर-कानूनी दवा नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। अभी तक दोनों ने वैक्सीन कहां से ली हैं, इसके बारे में नहीं बताया।
विज्ञापन