जीत के बाद फिरोजाबाद में बवाल: प्रमाणपत्र में देरी पर भड़के सपाई, पुलिस पर पथराव-फायरिंग, 12 वाहनों के तोड़े शीशे
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद मंडी समिति परिसर में गुरुवार रात को मतगणना के बाद बवाल हो गया। जसराना से जीते सपा प्रत्याशी को प्रमाणपत्र में देरी से सपा कार्यकर्ता भड़क गए। आरोप है कि सपा कार्यकर्ताओं ने पथराव और फायरिंग कर दी।
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फिरोजाबाद की जसराना विधानसभा सीट से जीत दर्ज कराने वाले सपा प्रत्याशी इंजीनियर सचिन यादव को जीत का प्रमाण पत्र देने में की जा रही देरी से सपा समर्थक आक्रोशित हो गए। उन्होंने पुलिस पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। पथराव के चलते पुलिस को बल प्रयोग कर खदेड़ना पड़ा।
सपा कार्यकर्ता पथराव करते हुए मतगणना स्थल के गेट तक पहुंच गए थे। इस दौरान हाईवे पर चल रहे 12 वाहनों पर भी सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पथराव किया। महिला एसओ की गाड़ी के भी शीशे तोड़ दिए। बवाल के बाद जिला प्रशासन के अफसरों ने सपा प्रत्याशी सचिन यादव को जीत का प्रमाणपत्र दे दिया गया।
जसराना में देर से आया था चुनाव परिणाम
जिले के शिकोहाबाद, सिरसागंज, टूंडला और सदर की मतगणना पूरी होने के साथ ही जीते प्रत्याशियों को प्रशासन द्वारा प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया था। वहीं जसराना विधानसभा सभा की मतगणना देर तक होने के कारण उसका परिणाम भी देरी से आया।
प्रशासन द्वारा सपा प्रत्याशी सचिन यादव की जीत की घोषणा किए जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा प्रमाण पत्र जारी न किए जाने और भाजपा नेताओं द्वारा री कांउटिंग किए जाने की मांग पर सपा समर्थकों में प्रशासन के प्रति आक्रोश फैल गया। सपा समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन को निशाना बनाते हुए पथराव शुरु कर दिया।
हाईवे पर खड़े करीब 12 वाहनों के शीशे तोड़ने के साथ ही रामलीला मैदान के समीप खड़े हथठेले भी पलट दिए। देखते ही देखते मंडी परिसर के आसपास अराजकता का माहौल कायम हो गया। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन मंडी समिति के अंदर मौजूद सपा के पूर्व सांसद अक्षय यादव को बाहर लेकर आई। अक्षय यादव द्वारा कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत कराया गया। तब कहीं जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।
बैरियर तोड़कर मंडी समिति के गेट तक पहुंचे सपा समर्थक
सपा प्रत्याशी सचिन यादव को प्रमाणपत्र देने में प्रशासन द्वारा की जा रही देरी को लेकर जहां सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैला था। वहीं सपा समर्थकों ने रामलीला ग्राउंड के समीप और उसके सामने लगे बैरियर को तोड़ दिया। भीड़ के मंडी समिति के गेट पर पहुंचते ही पुलिस को स्थिति नियंत्रण में करने के लिए पथराव भी करना पड़ा था।