फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Soor Sarovar Bird Sanctuary: Gazette of one km seven years ago now made zero

सूर सरोवर पक्षी विहार: सात साल पहले एक किमी का गजट, अब किया शून्य...18.17 किमी का है ईको सेंसिटिव जोन

Sat, 11 Jan 2025 10:29 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 11 Jan 2025 10:29 AM IST
सार

सूर सरोवर पक्षी विहार का 24 अप्रैल 2018 को गजट जारी किया जा चुका है। तब 800 हेक्टेयर सीमा और ईको सेंसिटिव जोन एक किमी किया गया था।
 

विज्ञापन
Soor Sarovar Bird Sanctuary: Gazette of one km seven years ago now made zero
सूर सरोवर पक्षी विहार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सूर सरोवर पक्षी विहार पर अफसरों की कारस्तानी गजब है। सात साल पहले एक किमी का गजट किया अब शून्य कर दिया। अफसरों के इसी यू-टर्न पर डॉ. शरद गुप्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में सूर सरोवर का सीमा विस्तार 799 हेक्टेयर और ईको सेंसिटिव जोन की सीमा एक किमी तक करने की लड़ाई लड़ी जा रही है। अधिसूचना सात साल पहले अफसरों ने जारी कर दी थी। 24 अप्रैल 2018 को केंद्र सरकार के पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक किमी का जोन और 800 हेक्टेयर सीमा का गजट जारी किया था। उसे बाद में वापस ले लिया गया।
विज्ञापन



 

सात साल पहले जारी की गई अधिसूचना में पर्यावरण मंत्रालय ने लिखा था कि सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य के संरक्षित क्षेत्र के चारों ओर 1 किलोमीटर के क्षेत्र को पारिस्थितिकी और पर्यावरण की दृष्टि से पारिस्थितिकी संवेदी जोन के रूप में संरक्षित और सुरक्षित करना आवश्यक है। केंद्रीय सरकार, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के नियम 5 के उपनियम (3) के साथ पठित पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य में सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य की सीमा के चारों ओर 1 किलोमीटर तक विस्तारित क्षेत्र को सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य पारिस्थितिकी संवेदी जोन के रूप में अधिसूचित करती है।

 

18.17 किमी का है ईको सेंसिटिव जोन
सूर सरोवर पक्षी विहार के 800 हेक्टेयर होने के बाद एक किमी का ईको सेंसिटिव जोन 18.17 किमी का क्षेत्र हो जाएगा। आगरा विकास प्राधिकरण ने इस जोन में 1050 हेक्टेयर जमीन पर ईको सेंसिटिव जोन के प्रतिबंध लागू होने की जानकारी एनजीटी को भेजी रिपोर्ट में दी थी। गजट में इस जोन की सीमा को पीले रंग से दर्शाया गया है।

 
विज्ञापन

हरियाली के लिए बढ़ा कारवां
याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि सत्ता और धन के आगे अफसर कैसे नियम बदलकर खिलवाड़ करते हैं, सूर सरोवर इसकी मिसाल भर है। सूर सरोवर पक्षी विहार के ईको सेंसिटिव जोन को कम करने की साजिश के खिलाफ एनजीटी के बाद जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। हरियाली के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

 
 

हर अफसर ने अलग रुख दिखाया
 याचिकाकर्ता देवाशीष भट्टाचार्य का कहना है कि सूर सरोवर पक्षी विहार में हर अफसर ने अलग रुख दिखाया। इसका ईको सेंसिटिव जोन एक किमी तो रहना ही चाहिए। पूर्व अधिकारियों ने पांच किमी की सिफारिश की थी, जो जरूरी है। शून्य तो किसी हाल में नहीं होने देंगे, चाहे सुप्रीम कोर्ट तक लड़ना पड़े।

 

सूर सरोवर की हरियाली जरूरी
बृज खंडेलवाल ने बताया कि आगरा के लिए सूर सरोवर की हरियाली जरूरी है। यह फेफड़ों का काम करता है। इसके साथ छेड़छाड़ का अर्थ है अपनी सांसों से खिलवाड़ करना। यह लंबी लड़ाई है, जिसके लिए हम तैयार हैं। स्व. डीके जोशी की इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed