बेटा सभासद बनेगा या नहीं: निकाय चुनाव के मतदान के बाद हार-जीत का गणित लगा रहा था पिता, सदमे से गई जान
चुनाव में बेटे ने खूब पैसा खर्च किया, जिसके बाद पिता को उसकी जीत की चिंता सताने लगी। बताया गया है कि वह बेटे की हार जीत का गणित लगा रहा था, तभी अचानक उसकी तबीयत खराब हुई और जान चली गई।
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फिरोजाबाद की नगर पंचायत मक्खनपुर के वार्ड संख्या दस से सभासद पद का चुनाव लड़े हरिओम कुशवाह के पिता पुरुषोत्तम कुशवाह उर्फ विरनाम सिंह की सदमे से मौत हो गई। चुनाव संपन्न होने के बाद वह हार जीत का गुणाभाग लगा रहे थे। परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
निर्दलीय चुनाव लड़ा था बेटा
थाना मक्खनपुर के नवादा निवासी पुरुषोत्तम कुशवाह उर्फ विरनाम सिंह (48) पायनियर चौराहे पर सब्जी बचते थे। नगर पंचायत के चुनाव में बड़ा बेटा हरिओम कुशवाह नगर पंचायत के वार्ड संख्या दस से निर्दलीय सभासद पद का चुनाव लड़ा था। मतदान संपन्न होने के बाद परिवार के लोग हार-जीत का आंकड़ा लगा रहे था।
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खर्च अधिक होने से तनाव में था पिता
परिजनों का कहना है कि हरिओम ने उम्मीद से अधिक पैसा निकाय चुनाव में खर्च कर दिया था। इसके कारण पिता काफी तनाव में थे। शनिवार को सुबह करीब आठ बजे अचानक पुरुषोत्तम कुशवाह की तबीयत खराब हो गई। परिजन उपचार के लिए ले गए लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
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घर में मचा कोहराम
पुरुषोत्तम की मौत होने की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के चार पुत्र और एक बेटी है। परिजनों ने उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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