UP: यूपी पुलिस भी गजब है... कोई एक मुकदमा लिखाने के लिए भटकता है, यहां एक पीड़िता के दो थानों में दर्ज हुए केस
यूपी पुलिस की आगरा में लापरवाही सामने आई है। एक पीड़ित महिला के केस दो अलग-अलग थानों में दर्ज हो गए। इस जानकारी के बाद अब पुलिस ने एक मुकदमा खारिज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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आगरा में ससुराल में महिला से मारपीट के मामले में पुलिस ने दो थानों में अलग-अलग केस दर्ज किए। एक थाना सदर में और दूसरा जगदीशपुरा में। सोशल मीडिया पर दोनों की कॉपी वायरल भी हो गईं। तब पता चला कि महिला पहली बार पुलिस आयुक्त के कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर आई थी। केस दर्ज होने की जानकारी न होने पर पुलिस उपायुक्त नगर के कार्यालय में गुहार लगाई। पुलिस इसे ही वजह मान रही है।
भगत की झोपड़ी, नगला गूलर निवासी आरती की शादी मार्च 2019 को नगला भवानी, सदर निवासी प्रवीन के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज में 2 लाख रुपये और बाइक की मांग के लिए ससुराल में उत्पीड़न किया जाने लगा। 27 जुलाई को ससुरालियों ने मारपीट की। जिंदा जलाने का प्रयास किया। वह मायके आ गई।
मामले में पीड़िता ने पहले पुलिस आयुक्त से शिकायत की। इस पर 31 जुलाई को थाना सदर में दहेज उत्पीड़न सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हो गया। मगर, महिला को इसकी जानकारी नहीं थी। वह फिर से डीसीपी सिटी के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंच गई। महिला के जगदीशपुरा में रहने के कारण थाना जगदीशपुरा में केस दर्ज किया गया। पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड ने बताया कि मामले में एक केस को खारिज कराकर दूसरे केस में विवेचना कराई जाएगी।
पीड़ितों के घर नहीं पहुंच रही एफआईआर
पुलिस आयुक्त का निर्देश है कि एफआईआर की कॉपी पीड़ितों के घर पहुंचाई जाए, जिससे उन्हें कॉपी प्राप्त करने के लिए भटकना नहीं पड़े। मगर, इस मामले में लापरवाही की गई। अगर, पीड़िता के पास पहले ही दिन कॉपी पहुंच गई होती तो दूसरे थाने में केस नहीं लिखा जाता।